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‘मुझे मोदी से दिक्कत नहीं है, भक्तों से है’ – बोत हार्ड भाई, बोत हार्ड…

कुणाल ये नहीं समझ पाए कि उनसे बड़े-बड़े कॉमेडियन, जिन्होंने निजी आक्षेप भी किए, पोलिटिकल व्यंग्य और कटाक्ष भी किए, रीगन के इनॉगुरेशन तक में बोले, लेकिन उन्हें 'फक', 'शिट', 'L@udu', 'g**nd', 'l@ud@' कहने की ज़रूरत नहीं पड़ी।

दिल्ली की शिक्षा व्यस्वस्था का सच: विज्ञापनों के चक्कर में छात्रों के भविष्य से खेल रहे हैं केजरीवाल

दिल्ली सरकार से पूछा जाना चाहिए कि अगर शिक्षा व्यवस्था पर ख़र्च किए गए रुपयों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं आ रहा तो फिर ये रुपए जा कहाँ रहे हैं?

मोदी… वाजपेयी नहीं हैं – मर्यादा की LoC और आधी रात घर में घुसकर मारने वाले में अंतर है

जब वाजपेयी सरकार गई तो उस वक्त अटल जी का घुटनों का ऑपरेशन हो चुका था, वे ठीक से चल भी नहीं पाते थे। लेकिन अभी का जो नेता है उसका दिल, दिमाग और घुटना एकदम ठीक और ठिकाने पर हैं, इसीलिए वह हवाई जहाज की खड़ी सीढ़ियों को भी दौड़ते हुए चढ़ जाता है।

जबरन मतान्तरण व मॉब लिंचिंग के शिकार होते पाकिस्तानी ईसाई, जड़ में है ईशनिंदा कानून

ब्रिटिश राज के दौरान ग़रीब हिन्दुओं को ईसाई बनाया गया था। आज उन्हें पाकिस्तान के चर्चों, घरों व स्कूलों में मारा जा रहा है। उनके पक्ष में बोलने वाले मंत्री व गवर्नरों तक की हत्या कर दी जाती है। समझें ईशनिंदा क़ानून का व्यापक और कुटिल कुचक्र।

रंगभरी एकादशी: काशी में दूल्हा बने महादेव कराएँगे माँ गौरा का गौना, शुरू होगा होली का हुड़दंग

यह जो रंगभरी एकादशी है, इसमें भी रंग क्या है? जिसके द्वारा जगत रंगों से सराबोर हो उठता है- 'उड़त गुलाल लाल भये अम्बर' अर्थात् गुलाल के उड़ने से आकाश लाल हो गया। आकाश इस सारे भौतिक प्रपंच का उपलक्षण है और काशी भौतिकता से आध्यात्म की यात्रा का महामार्ग।

अभी असली मजे ‘भक्त’ ही ले रहे हैं, बाकियों को आ रही है खट्टी डकारें

"भेन मायावती तो सुषमा स्वराज के बाद देश की दूसरी सबसे ग़जब की वक्ता हैं हीं, इसलिए उनकी बातेंऊँ सारी सही हैं, लेकिन एक सही बात आज हमहूँ कहि दे रहे हैं, चाहें तो लिख कें ले लेओ कि दुनिया इतें की वितें हे जाय, आवेगो तो मोदीअई"

बेटे की आड़ में सेना को ‘गाली’ देने वाले को कश्मीरी हिन्दू महिला से मिला करारा जवाब

खुर्रम परवेज़ को किसी को अपने बेटे के ‘डर’ के लिए दोष देना ही है तो कश्मीरी दहशतगर्दों को दें। भारतीय सेना के ‘काफ़िर' वीर दशकों से अपनी जान की कुर्बानी दे कर भी शरणार्थी को अभय प्रदान करते आए हैं।

मुद्दों से भटकी कॉन्ग्रेस ने पकड़ी Meme की राह, पप्पू वाले वीडियो से लोगों ने जमकर लगाई लताड़

कॉन्ग्रेस की मानसिकता का स्तर लगातार गिरता जा रहा है जो उसकी दिमागी रूप से विक्षिप्त होने की दशा को भी उजागर करता है। सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीर को शेयर करना ख़ुद कॉन्ग्रेस के लिए ही भारी पड़ गया, जब लोगों ने इस पर जमकर तंज कसे।

बिन बुर्क़े बाहर जाओगी तो हल्ला मच जाएगा: आईसिस ने यज़ीदी सेक्स स्लेव से यही कहा

ये कैसी मानसिकता है जिससे एक तरफ तो मज़हब का भी सम्मान हो रहा है और दूसरी तरफ अपनी ठरक का भी। जी, सही शब्द 'ठरक' ही है क्योंकि किसी महिला को उस तरह से घेरकर नचाना आपकी कुंठा की परिणति ही है, न कि आपके अंदर बैठा कला-प्रेमी जाग गया है।

तुम बदसूरत हो, मर्दों जैसी दिखती हो; कोई तुम्हारा बलात्कार क्यों करेगा – रेप पीड़िता से महिला जजों की बेंच

क्या बलात्कार सुंदरता के आधार पर होता है? फिर लड़के-बच्ची-बूढ़ी के साथ रेप की ख़बरें क्यों पढ़ने को मिल जाती हैं! बड़े-बड़े नाम घर में काम वाली बाई के साथ क्यों पकड़े जाते हैं? एक महिला दूसरी महिला के साथ रेप किस सुंदरता और सेक्स अपील के आधार पर करती है?

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