"हर बार की तरह 'टोपी-कुर्ता-दाढ़ी' वाला शख्स ही हैवानियत का शिकार होता दिखेगा। BJP सरकार भले ही विकास करने में असमर्थ रही हो, लेकिन नफ़रत फैलाने में अव्वल साबित हुई। दुःखद!"
अंसारी को जमीन का मालिकाना मिलने के बाद मंदिर ट्रस्ट और अंसारी के बीच बिक्री समझौता हुआ। अंसारी ने जमीन को 18.5 करोड़ रुपए में ट्रस्ट को बेचने की सहमति जताई।
सोशल मीडिया में एक वीडियो धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि मियाँ-मुस्लिम (बांग्लादेशी मुस्लिम) असम में अलग देश की माँग कर रहे हैं।