राहुल गाँधी की द्वारा साझा की गई इस तस्वीर को प्रोपेगेंडा बताते हुए भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने लिखा कि पुलिसकर्मी ने उस किसान को छुआ तक नहीं।
आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।