Saturday, July 31, 2021
Homeफ़ैक्ट चेकराजनीति फ़ैक्ट चेकFact Check: सरकार ने भारतीय रेलवे अडानी को बेच दिया? प्रियंका गाँधी के फर्जी...

Fact Check: सरकार ने भारतीय रेलवे अडानी को बेच दिया? प्रियंका गाँधी के फर्जी दावे की फिर खुली पोल

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि यह दावा भ्रामक है। यह केवल एक वाणिज्यिक विज्ञापन है, जिसका उद्देश्य केवल 'गैर किराया राजस्व' को बेहतर बनाना है।

किसानों ने कृषि बिल वापसी को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। उनका आरोप है कि सरकार देश के बड़े-बड़े उघोगपतियों, जैसे- अडानी और अंबानी को फायदा पहुँचाने के लिए नए कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और मंडियाँ खत्म की तैयारी में है, जिससे वे कॉरपोरेट की दया पर निर्भर रह जाएँगे। तो वहीं, दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस किसान आंदोलन के बहाने लगातार राजनीति करने में जुटी हुई है।

साथ ही, कॉन्ग्रेस लगातार मोदी सरकार को घेरने के लिए सोशल मीडिया के जरिए किसानों में भ्रम फैलाने की कोशिश भी कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे अडानी ग्रुप को बेच दी गई है। इस वीडियो को कॉन्ग्रेस नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है।

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता हार्दिक पटेल के ट्वीट को रिट्वीट किया है। जिसमें कॉन्ग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “भारतीय रेल पर अडानी के फ़्रेश आटे का विज्ञापन देखने लायक हैं। अब तो दावे के साथ कह सकते है कि किसानों की लड़ाई सत्य के मार्ग पर है।”

वहीं प्रियंका गाँधी ने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जिस भारतीय रेलवे को देश के करोड़ों लोगों ने अपनी मेहनत से बनाया। भाजपा सरकार ने उस पर अपने अरबपति मित्र अडानी का ठप्पा लगवा दिया। कल को धीरे-धीरे रेलवे का एक बड़ा हिस्सा मोदी के अरबपति मित्रों को चला जाएगा। देश के किसान खेती-किसानी को भी आज मोदी के अरबपति मित्रों के हाथ में जाने से रोकने की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

सोशल मीडिया के जरिए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश में लगी कॉन्ग्रेस पार्टी की खुद ही पोल खुल गई है। ट्विटर पर कॉन्ग्रेस द्वारा फैलाए जा रहा ये वीडियो एकदम गलत साबित हुआ है और केंद्र सरकार द्वारा भारतीय रेलवे को अडानी ग्रुप को बेचने वाली खबर फेक निकली।

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि यह दावा भ्रामक है। यह केवल एक वाणिज्यिक विज्ञापन है, जिसका उद्देश्य केवल ‘गैर किराया राजस्व’ (NFR) को बेहतर बनाना है। वहीं कॉन्ग्रेस की पोल खुलने के बाद लोगों ने ट्विटर पर प्रियंका गाँधी और हार्दिक पटेल की जमकर खरी खोटी सुनाई।

गौरतलब है कि प्रियंका गाँधी वाड्रा ने इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में पिछले 5 सालों में केवल 15 किलोमीटर की एक सड़क लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे से वाराणसी शहर के लिए बनी है, उसके अलावा कोई सड़क ही नहीं बनी है। हमने इसका फैक्ट-चेक किया जिसमें कुल 60 सेकेंड के भीतर ही उनके इस दावे की कलई खुल गई।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20 से ज्यादा पत्रकारों को खालिस्तानी संगठन से कॉल, धमकी- 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के CM को नहीं फहराने देंगे तिरंगा

खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल प्रदेश के 20 से अधिक पत्रकारों को कॉल कर धमकी दी है कि 15 अगस्त को सीएम तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे।

‘हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी’: PM मोदी के खिलाफ पोस्टर पर 25 FIR, रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले पोस्टर चिपकाने को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,101FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe