बात लिखती हैं दिल्ली के ओखला स्थित भारत के सबसे बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की और फोटो लगाती हैं कैलिफोर्निया की! फिर तुलना करती हैं गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से! यह किस तरह का प्रोपेगेंडा फैला रहीं हैं मेम साब?
खबर के साथ यह भी दावा किया गया है- "इस्लाम में न किसी को सताया जाता है और न ही किसी को मारा जाता है, बल्कि इस्लाम मज़हब शांति का मज़हब है और इसीलिए जो इसको क़ुबूल करता है वो इसकी कभी बुराई नहीं बल्कि अच्छे ही करता है।"
कई मौकों पर फैक्टचेकर ने जानबूझकर तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा ताकि अपने डेटाबेस में मुस्लिम पीड़ितों की संख्या बढ़ा सके। इसके लिए उसने उन मामलों को भी शामिल किया जहाँ पीड़ित और अपराधी दोनों ही मुस्लिम थे। कुछ ऐसे मामलों को भी हेट क्राइम डेटाबेस में महज इसलिए शामिल कर रखा है, क्यूँकि कथित तौर पर पीड़ित मुस्लिम और गुनहगार हिन्दू थे, जबकि बाद में ये मामले गलत साबित हो चुके हैं।
TV9 भारतवर्ष द्वारा 'कॉन्ग्रेस-वादी' पत्रकार सुप्रिया भरद्वाज की एक ऐसी रिपोर्ट शेयर की गई जिसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी भूतपूर्व पीएम मनमोहन सिंह से मिलने उनके निवास पर गए थे। इस रिपोर्ट में इस मीटिंग की 'एक्सक्लूसिव' रिपोर्टिंग का भी दावा किया गया था।
अलवर जिले के बेहरोर कस्बे में 29 मई 2019 को बहरोड़ के एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में यह चार्जशीट पेश की गई। इस चार्जशीट में पहलू खान और उनके बेटों पर राजस्थान गोवंशीय पशु (वध निषेध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात पर प्रतिबंध) अधिनियम, 1995 की धारा 5, 8 और 9 के तहत चार्जशीट दायर की गई है।
यही वीडियो बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन की नजरों में आया और उन्होंने इसे रीट्वीट करते हुए इच्छा जताई कि हमें भी ऐसी ही एक बादल बनाने वाली मशीन की जरूरत है। कुछ यूजर्स ने 'इसरो' से शिकायत करते हुए कहा है कि आखिर वो कब ऐसी चीज बना पाएँगे?
केंद्र सरकार को 'फ्री मेट्रो राइड' के संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। फिर भी लगभग सभी मीडिया संस्थानों ने "केंद्र सरकार ने ख़ारिज/अस्वीकार या रिजेक्ट की केजरीवाल सरकार की महिलाओं के लिए 'फ्री मेट्रो राइड' योजना" जैसी भ्रामक और फेक रिपोर्ट प्रकाशित की।
चिन्मयी के ट्वीट पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने आकर जवाब दिया। पुलिस ने ट्वीट कर केस से संबंधित तथ्य रखे और बताया कि उक्त घटना रामपुर में हुई थी। एक महिला ने अमीर अहमद और सत्तार अहमद पर गैंगरेप का आरोप...
इस यूज़र ने यह वीडियो टिकटॉक पर पोस्ट करने के लिए बनाई थी, जो काफी वायरल होने के बाद लोगों के नजर में आया। शख्स कार के ऊपर चढ़कर कोई स्टंट कर रहा था। वीडियो में जो कार नजर आ रही है, इस तरह की गाड़ी अक्सर दिल्ली पुलिस के ACP प्रयोग करते हैं।