अनंतनाग के मोंघल ब्रिज पर एक बिन नंबर प्लेट वाली गाड़ी जिस पर 'मुस्लिम फॉरेएवर' लिखा था वह नाका पार्टी की ओर दौड़ाई गई। लेकिन जवानों ने आत्मरक्ष में गोली चला दी।
परिजन कहते हैं कि जो लड़के (बीजेपी के) मारे गए हैं उस पर विपक्षियों ने कुछ नहीं कहा। आखिर ये भी तो किसान के बच्चे हैं। उनको सिर्फ बीजेपी का क्यों बताया जा रहा है।
इस लिस्ट में सुब्रमण्यम स्वामी, वरुण गाँधी और उनकी माँ मेनका गाँधी को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उनकी जगह कॉन्ग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को जगह मिली है।
लखीमपुर खीरी मामले में प्रियंका गाँधी जहाँ मृतकों के परिजनों से मिलने गई थीं, वहीं उनके पीछे बैठे 'चन्नी' उनके भीड़ द्वारा किए गए अभिवादन को अच्छा साइन बता रहे थे।
श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।