भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज जलियाँवाला बाग स्मारक के नए स्वरुप को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ वामपंथियों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
जेएनयू में 'आतंकवाद विरोधी' पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद से ही CPI सहित कई विपक्षी दलों ने इस विशेष पाठ्यक्रम का विरोध किया है जिससे विश्वविद्यालय परिसर में एक नया तूफान खड़ा हो गया है।