वीडियो में एक चौथी कक्षा का बच्चा बैनर लिए बोलता नजर आ रहा है, जिसे देख मन में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या उस मासूम को इस बात की जानकारी भी है कि प्रदर्शन किस चीज को लेकर है?
राकेश टिकैत सिर्फ पिता का कहा नहीं भूले हैं। वे अपनी कही बातों से भी पीछे हटे हैं। उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं जिसकी जून में प्रशंसा की। पिछले साल माँग की थी।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें ऐसे निर्देश की माँग की गई थी कि गैर हिन्दुओं को आयुक्तों के कार्यालय में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।