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‘गैंगरेप की बात कहो तो ₹50 लाख दूँगा’, हाथरस केस में यह कैसी ‘साजिश’: एक नेता और पत्रकार के खिलाफ राजद्रोह का केस

FIR के अनुसार, पीड़िता के परिवार पर गलत बयान देने के दबाव था और इसके एवज में उन्हें 50 लाख रुपए देने का लालच एक राजनेता ने दिया था।

रातोंरात वेबसाइट, फेक आईडी, विदेशों से फंडिंग: हाथरस केस के बहाने रची गई जातीय दंगों की साजिश की पूरी डिटेल

जस्टिस फॉर हाथरस (Justice for Hathras) नाम की वेबसाइट कैसे बनी? क्या था इसका मकसद? जाँच शुरू होते ही क्यों हो गई बंद? जानिए, सब कुछ।

DM-SP को माँ-बहन की गाली, CM योगी के लिए भी ‘गंदी बात’: दलित नेता हाथरस में ऐसे सेंक रहे राजनीतिक रोटी

वीडियो में नेता ने अपना परिचय जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति प्रकोष्ट, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के रूप में दिया। वीडियो की शुरुआत में...

सुशांत ‘चरित्रहीन’, मीडिया ‘हरामखोर’… बिल में है कंगना, गुप्तेश्वर को ‘गुप्तरोग’: शिवसेना ने सामना से दिखाया स्तर

महाराष्ट्र व मराठी मानुस के रास्ते में आने वाले इंसान को खुलेआम धमकी दी गई और कहा गया कि जो भी रास्ते में आएगा, उसका बर्बाद होना तय है।

दंगे कराने, हिन्दुओं में फूट डालने की साजिश: हाथरस पर मोदी-योगी सरकार को बदनाम करने के लिए इस्लामी मुल्कों की फंडिंग

हाथरस पर मोदी-योगी को बदनाम करने व दंगों की साजिश के लिए एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ-साथ इस्लामी मुल्कों की फंडिंग, रातोंरात बनी वेबसाइट।

‘क्राइम सीन को बर्बाद किया, ऑटोप्सी रिपोर्ट में कई खामियाँ’: सुशांत मामले में डेढ़ महीने में पलटे AIIMS के डॉ सुधीर

रिपब्लिक के अनुसार, सुशांत मामले में एम्स के डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा था कि क्राइम सीन 'कंटेमिनेट' कर दिया गया था, ठीक साक्ष्य उपस्थित नहीं थे।

‘हत्यारे’ कंडक्टर की #मीडिया_लिंचिंग: जिसे फाँसी से बचाया उस माँ-बाप ने, जिनका 7 साल का बच्चा मारा गया था

जघन्य अपराधों के मामले में खबरों की सनसनी के लिए मीडिया लिंचिंग और राजनेताओं का क्या है? आज गिद्ध की तरह हाथरस में मंडरा रहे हैं तो कल...

डूब कर मर गया जयप्रकाश, जिंदा है सोनकलिया, दोनों को दादी ने छला; हाथरस में वही हाथ दिखा रहे पोता-पोती

वादा तो टूट जाता है... बाकी उनके किए वादे कितनी जल्दी टूटते हैं, ये तो बिहार चुनावों के बीतने तक दिख ही जाएगा!

बलरामपुर गैंगरेप: गाल, छाती, जाँघ, कोहनी, घुटना… हैवानियत के वक्त दरिंदों ने हर जगह दिए निशान

बलरामपुर में दलित छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना काफी भयावह है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उसके साथ हुई दरिंदगी को उजागर करता है।

‘मुझमें और हाथरस की बेटी में क्या फर्क? राहुल गाँधी मेरे पास क्यों नहीं आ सकते?’ – बारां की रेप पीड़िता के चुभते सवाल

“राहुल गाँधी बारां क्यों नहीं आ सकते हैं? मुझमें और हाथरस की बेटी में क्या फर्क, अन्याय तो मेरे साथ भी हुआ है। मैं भी हाथरस की बेटी जैसी हूँ।"

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