"शुभम बाहर निकल आज तुझे नहीं छोड़ेगें! वह लोग उन्हें पिस्टल दिखाने लगे। उन्होंने हालात बिगड़ता देख थाना प्रभारी को फोन किया और कहा, "सर प्लीज बचाइए। अब हम लोग नहीं बचेंगे।"
पहले तो आप यह तय कीजिए कि आपको मतलब किस बात से है? पत्रकार/पीड़ित के फोन रिकॉर्ड होने से, या इस बात से कि वहाँ दंगा न फैले, पीड़ित परिवार को न्याय मिले?
हाथरस केस में हमने कुछ लीक ऑडियो पर रिपोर्ट की थी। इसमें से एक ऑडियो में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।