विहिप ने 5000 ऐसे पुजारियों को प्रशिक्षित कर विभिन्न मंदिरों में नियुक्त किया है, जो एससी-एसटी हैं। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने पैनल में इन पुजारियों को जगह दी है।
कोर्ट ने कहा इस मामले की सुनवाई में होने वाली किसी भी प्रकार की देरी उस उद्देश्य को ही गैर-ज़रूरी रूप से ख़त्म कर देगी, जिसके लिए स्पेशल कोर्ट का गठन हुआ।
"तुम पहली लड़की नहीं हो, जिसे तीन तलाक मिला। ये मुस्लिमों में शरिया कानून के तहत होता आया है, जिसे तुम्हें मानना चाहिए, भारत के कानून को भूल जाओ, सिर्फ़ शरिया को मानो।"