पिछले 6 वर्षों से भारत के प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों को केवल सार्वजनिक भाषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भारत के नागरिकों से किए गए हर वादा, हर आशा को पूरा करने के लिए अपनी 6 साल की यात्रा के प्रत्येक दिन को बहुत लगन के साथ उपयोग किया है।
रवीश कुमार पहलू खान के हत्यारों को हिंदू बताते नहीं अघाते। लेकिन, बेंगलुरु में हिंसा करने वालों को लेकर उनका कहना है कि दंगाइयों का कोई मजहब नहीं होता।