Saturday, May 15, 2021
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तुर्की की फर्स्ट लेडी से मिले आमिर खान, शान में पढ़े कसीदे: भारतीय मुस्लिमों को कट्टर बनाने में लगा है पाक का नया यार

मुलाकात के दौरान बॉलीवुड स्टार ने महिलाओं और बच्चों की शिक्षा के संबंध में कई मानवीय परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए एर्दोगन की प्रशंसा की, जबकि तुर्की की पहली महिला ने अभिनेता को उनकी फिल्मों में ‘सामाजिक समस्याओं’ को उठाने के लिए सराहा।

भारत के खिलाफ जहर उगलने और मुस्लिमों का मसीहा बनने की कोशिश में लगे तुर्की की प्रथम महिला एमीन एर्दोगन से बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने शनिवार (अगस्त 15, 2020) को मुलाकात की। इस्तांबुल के ह्यूबर मेंशन के राष्ट्रपति निवास में यह मुलाकात हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान ने मुलाकात का अनुरोध किया था। वे वाटर फाउंडेशन के काम के बारे में एर्दोगन को जानकारी देना चाहते थे। बता दें कि यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना आमिर खान और उकी पत्नी किरण राव ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुँचाने के लिए की है।

मुलाकात के दौरान दोनों ने एक-दूसरे की प्रशंसा की। बॉलीवुड स्टार ने महिलाओं और बच्चों की शिक्षा के संबंध में कई मानवीय परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए एर्दोगन की प्रशंसा की, जबकि तुर्की की पहली महिला ने अभिनेता को उनकी फिल्मों में ‘सामाजिक समस्याओं’ को उठाने के लिए सराहा।

गौरतलब है कि फ़िलहाल भारत विरोधी रुख को लेकर तुर्की चर्चा में है। हाल में यह बात सामने आई थी कि तुर्की की तरफ से भारत के मुस्लिमों को कट्टर बनाने की भरपूर कोशिशें हो रही है। वह कट्टर मुस्लिमों को और कट्टर बना कर उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करना चाहता है।

बता दें कि अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर तुर्की ने पाकिस्तान की बातों का समर्थन किया था। इसके बाद वह भारत विरोधी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। तुर्की में पनप रहे इस नए तरह के आतंकवाद को कोई और नहीं बल्कि वहाँ की एर्दोगन सरकार खुद बढ़ावा दे रही है।

पिछले दिनों खबर आई थी कि आमिर खान अपनी अगली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के लिए तुर्की गए हैं। तुर्की की मीडिया का कहना है कि आमिर खान वहाँ की तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिनेमा के लिए एडवांस फ़ैसिलिटी और वर्कफोर्स कैपेसिटी से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने वहाँ के दौरों मे इन चीजों को देखा था। तुर्की का पर्यटन मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है।

ऐसे में, तुर्की जाने और एर्दोगन से मुलाकात करने को लेकर सोशल मीडिया में आमिर खान की तीखी आलोचना हो रही है। एक यूजर ने लिखा है, “आमिर खान इजरायल के पीएम से मिलने से बचते रहे, लेकिन उन्होंने भारतीय प्रतिद्वंद्वी के रूप में तुर्की के राष्ट्रपति से मुलाकात की और तथाकथित शांतिप्रिय राष्ट्र के लिए मानवीय और सामाजिक परियोजनाओं के बारे में बताया। अब कुछ बोलूँगा तो उनकी पत्नी को असुरक्षा महसूस होगा। फिर असहिष्णुता वाला नाटक शुरू होगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि आमिर खान तुर्की में शूटिंग कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए कि जो देश कश्मीर के खिलाफ बोलता है, वहाँ पर जाकर उसकी तारीफ करते हैं। यही देश हमारा फायदा उठाती है।

एक यूजर लिखता है, आमिर खान तुर्की गए और एर्दोगन से मिले। आमिर खान अच्छी तरह से जानते हैं कि एर्दोगन ने भारत विरोधी और कश्मीर विरोधी स्टैंड को बढ़ावा दिया है और कश्मीर के छात्रों को विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भारत के खिलाफ बोलने के लिए वित्त पोषित किया है। ऐसे में उनसे मुलाकात क्यों?

बता दें कि जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आए थे तब तीनों खान ने उनका बहिष्कार किया था। कई बॉलीवुड हस्तियों को उनसे मिलने के लिए आमंत्रण दिया गया था, लेकिन आमिर खान सहित तीनों खान नहीं पहुँचे। समुदाय विशेष के कई लोगों ने तब ‘असली हीरो’ कह कर उनकी तारीफ की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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