पुलिस पर हमले के बाद ये लोग गुरुद्वारे में छिप गए थे। अंदर से गोलीबारी भी की। पुलिसवालों को वहाँ से चले जाने के लिए कहा। गालियाँ और धमकी दी। बाद में कमांडो टीम ने गुरुद्वारे से 7 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
ये तथाकथित वैज्ञानिक ध्रुव राठी की तरह हैं। यूट्यूबर ध्रुव राठी 'फिलीपींस को आज़ादी कैसे मिली' से लेकर 'कोरोना वायरस कैसे काम करता है' तक, हर मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। तभी उसकी तुलना 'राजा बाबू' फिल्म के गोविंदा से होती है।
इस हत्याकांड को 15 अगस्त 1975 को अंजाम दिया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद से मजीद फरार चल रहा था। उसे 7 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह बीते 4 साल से कोलकाता में छिपा था। फरारी के दौरान वह पाकिस्तान और लीबिया में भी कुछ दिन रहा था।
मदरसों में छात्रों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कोरोना जैसी महामारी के बीच उन्हें जानवरों की तरह रखा जा रहा है। लेकिन वामपंथी कविता कृष्णन चाहती हैं कि मदरसों की इस हरकत पर मीडिया चुप्पी साध ले और बच्चों को मरने दे।
रामायण के लगातार ट्रेंड करने के कारण इससे जुड़ी कई बातें आजकल सुर्खियाँ बटोर रहीं हैं। चर्चा का एक विषय असलम खान भी हैं। उन्होंने रामायण में राक्षस, ऋषि, भजन गायक, गुप्तचर, समुद्र देव जैसे कई अहम किरदार निभाए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन नहीं होने पर जवाब मॉंगा है। कहा है कि राज्य में गैर जरूरी चीजों की दुकाने खोलने और मजहबी जमावड़े के लिए इजाजत दिए जाने की सूचना मिली है। राशन प्रशासन की बजाए नेता बॉंट रहे हैं।
एक जिला जहॉं 93 फीसदी आबादी हिंदू है, संक्रमण पर काबू पाने के तरीकों से मॉडल बन जाता है। एक इलाका जहॉं 90 फीसद मुस्लिम हैं वहॉं लॉकडाउन फेल हो जाता है। फिर कर्फ्यू और उसके बाद महाकर्फ्यू लगाना पड़ता है। बावजूद वह संक्रमण का एपिसेंटर बना हुआ है। जबाव कड़वा है, पर सच यही है।
अभी तक पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। इनमें से तीन ने लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने को कहा। तीनों विपक्ष के शासन वाले राज्य हैं: महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली।
सर्वे के अनुसार देश के 78 फीसदी लोगों ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है। शहरी क्षेत्रों में 82 फीसदी लोगों ने इसका समर्थन किया जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 74 फीसदी लोगों ने इसके पक्ष में अपना मत दिया।