अब इस मामले में आरोपितों के अलावा उनसे जुड़े संदिग्ध लोगों की भी जाँच जारी है। जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक पूर्व छात्र भी शामिल है। जो गुजरात का ही निवासी है।
".....बगदादी अपने अंतिम समय में डरपोकों की तरह इधर-उधर भाग रहा था। वो इतना बदहवास हो चुका था कि उसने अंत में एक सुरंग में जाकर अपने तीन बच्चों समेत खुद को विस्फोटक जैकेट से उडा लिया।"
"हमें पता है कि गठबंधन में बने रहना ही बेहतर है और यही राज्य के भी हित में है। जो हम चाहते हैं, वह यह कि हमें सम्मान दिया जाए। हमें इसे ठंडे दिमाग से करना होगा।"
मेरे खुद के मुस्लिम और 'सेक्युलर' थियेटर वाले दोस्त सोशल मीडिया पर वे आर्टिकल भेज रहे हैं, जिनमें मुझे झूठा बताया गया है। वे मुझसे पूछ रहे हैं कि मैंने झूठ क्यों बोला। और यह सब इसलिए हुआ क्योंकि क्विंट ने मेरी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
"बगदादी मरा क्योंकि पूरे विश्व के मुस्लिमों ने उसे खारिज कर दिया था और उसकी जहरीली मानसिकता के ख़िलाफ़ लड़ाई की थी। उसने अपनी राजनीति साधने के लिए इस्लाम पर कब्जा कर लिया था, वो 21वीं सदी में इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन था।"
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भाजपा विधायकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। साथ ही सीएम फडणवीस ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को भी धन्यवाद दिया। महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर...
रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। लेकिन शनिवार-रविवार और छुट्टियों को हटा दें तो उनके पास आधिकारिक कार्य करने के लिए सिर्फ 8 दिन ही बचे हैं। इन 8 दिनों में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे 7 ऐसे बड़े मामलों के फैसले आने हैं, जो धर्म, रक्षा और राजनीति जैसे विषयों से संबंधित हैं।
दिल्ली प्रेस की पहुँच लाखों पाठकों तक है। इंग्लिश में कारवां, हिंदी भाषी के लिए सरिता और बच्चों के लिए चंपक। मतलब इनका फैलाया प्रोपेगेंडा और भी घातक है। इनसे बचना है क्योंकि इस बार इन्होंने बच्चों को भी नहीं बख्शा। आर्टिकल-370 के नाम पर चंपक में जो जहर इन्होंने बोया है, वो...
BBC में काम करने वाली समीरा अहमद अपने संस्थान पर महिलाओं को पुरुषों से कम पेमेंट देने का आरोप लगा कर कोर्ट तक घसीट लाई हैं। जेरेमी (पुरुष) को जिस 15 मिनट के शो के लिए 2.72 लाख रुपए/शो मिलते थे, वहीं समीरा को मात्र 40,000 रुपए।
परिवार नियोजन कार्यक्रम न आज का है और न इससे जुड़े विज्ञापनों में हिंदू वेशभूषा वालों को दिखाने का चलन। पर, इससे कभी हिंदू भावना आहत नहीं होती। केवल समुदाय विशेष को 'हम दो' धर्म पर हमला दिखता है।