मणिशंकर अय्यर ने एक लेख में मोदी की रैलियों और उनके बयानों का हवाला देते हुए कहा, "याद है 2017 में मैंने मोदी को क्या कहा था?" अपने लेख में अय्यर ने पूछा कि क्या उनकी भविष्यवाणी सही नहीं थी?
पढ़िए 1984 सिख दंगों को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के विचार, उन्हीं के शब्दों में। सुलखान सिंह लिखते हैं कि दंगा वो होता है, जहाँ दोनों तरफ से मारकाट की गई हो लेकिन 1984 में राजीव गाँधी के इशारे पर एकतरफा नरसंहार किया गया था, कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा।
आज का मीडिया 'जिहाद' शब्द का ग़लत प्रयोग कर रहा है। इसका अर्थ बुराई के ख़िलाफ़ संघर्ष करना होता है जबकि मीडिया में इसे 'पवित्र युद्ध' की तरह पेश किया जा रहा है। 'पवित्र युद्ध' का कॉन्सेप्ट कई सौ साल पहले आया था, जब ईसाईयों ने अपने धर्म को फैलाने के लिए ज़ोर-ज़बरदस्ती की और हज़ारों लोगों के ख़ून बहाए।
आदरणीय(?) प्रतीक सिन्हा जी, इंटरव्यू ऐसे ही होता है- यही नियम है इंटरव्यू का कि कोई भी औड़म-बौड़म सवाल झटके में नहीं पूछा जा सकता। पत्रकारिता के समुदाय विशेष को “ब्रेकिंग न्यूज़” का माल मत परोसिए। यहाँ सबकी पोल-पट्टी खोली जाएगी।
अभिनेता कमल हासन के लिए भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र नहीं था, क्योंकि एक ख़ास समाज ने उनकी फ़िल्म की रिलीज रोक दी थी। राजनेता कमल हासन सामने मुस्लिमों को देखते ही गोडसे को आतंकी बताते हैं। उन्होंने कभी गोडसे का किरदार अदा किया था, लेकिन तब फ़िल्म की रिलीज नहीं रोकी गई।
थ्रेड में ट्रोल करने वाले अधम प्रकार के विस्तारवादी ट्रोल होते हैं। मध्यम कोटि के ट्रोल एक ट्वीट में चेतना शून्य कर देते हैं। उत्तम कोटि के ट्रोल एक वाक्य में ही अचेत कर देते हैं और सर्वोत्तम ट्रोल एक शब्द लिखकर ही नासिका लाल कर कर्णछिद्रों से धूम्र-वाष्प निष्कासन की प्रक्रिया का सूत्रपात कर देते हैं।
कमल हासन ने अपनी पार्टी मक्कल निधि मय्यम के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था।
12 मई, 2019 नक्सलियों ने सीआरपीएफ के निर्माणाधीन भवन को विस्फोट से उड़ाकर अपनी उपस्थिति का अहसास कराया था। हालाँकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
“मोदी की छवि दिल्ली के खान मार्किट गैंग ने नहीं बनाई है... 45 साल की मोदी की तपस्या ने बनाई है। अच्छी है या बुरी, इसे आप नष्ट नहीं कर सकते। एक आदमी की छवि पर चोर-चोर-चोर-चोर-चोर के सहारे चोट किया जा रहा है, आपको उस पर कोई आपत्ति नहीं है!”
श्री लंका में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय आबादी और समुदाय विशेष के बीच ताजा तनातनी एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हुई और देखते ही देखते कर्फ्यू लगाने की स्थिति आ गई। यह घटना चिलॉव नाम के शहर में हुई है। स्थानीय पुलिस ने...