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सत्ता से दूर बेचैन सोनिया सारे पैंतरे आजमा रही है, लग चुकी है 272 जुटाने में

सोनिया की इस क़वायद का मक़सद 23 मई को आने वाले चुनावी नतीजों से पहले विपक्षी दलों के बीच आपसी समझ विकसित कर लेना है, ताकि वो जनादेश हासिल करने के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से सरकार बनाने का पहला न्यौता पाने की स्थिति में ख़ुद को सक्षम साबित कर सकें।

CBI ने सुबह किया जाँच को आगे बढ़ाने से इनकार, शाम को कहा बोफोर्स से है ‘प्यार’

शाम होते-होते खबर आई कि सीबीआई ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में जाँच को आगे बढ़ाने के लिए फिर से याचिका दायर की है।

ध्रुव त्यागी हत्याकांड: मीडिया, मज़हब और परिवार में पलती जिहादी सोच

हत्या करने के बाद आरोपित आलम सीधा मस्जिद भागता है। उसे यह आत्मविश्वास कहाँ से आया कि मस्जिद में छिपने से वह सज़ा से बच जाएगा? मीडिया से एक सवाल। अगर मारने वाले का कोई मज़हब नहीं तो बीच-बचाव करने वाले का मज़हब हाइलाइट करना ज़रूरी क्यों?

MP: महिलाओं को पेड़ से बाँध कर पीटा, कपड़े फाड़े, गुप्तांगों पर मारी लात, Video बनाते रहे लोग

महिलाओं के गुप्तांगों पर लात मारी गई और उनके कपड़े फाड़ डाले गए। महिलाओं की इतनी निर्मम तरीके से पिटाई की गई कि वो काफी चीख-चिल्ला रही थीं। आरोपितों ने पुलिस के पहुँचने के बाद भी पीड़ितों को पीटना नहीं छोड़ा।

23 मई के बाद BJP से मिल जाएँगी ‘बहन जी’: मायावती के कैबिनेट मंत्री व बड़े नेता का दावा

मायावती को पिछले 33 वर्षों से क़रीब से जानने की बात करते हुए नसीमुद्दीन ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता। मायावती पर इस तरह का दबाव बनेगा कि वह भाजपा का हिस्सा बन जाएँगी। नसीमुद्दीन ने दावा किया कि जितना वह मायावती को जानते हैं, उतना वह स्वयं को भी नहीं जानतीं।

PM पद छोड़ने को तैयार कॉन्ग्रेस, नीतीश भी आ सकते हैं साथ: गुलाम नबी आज़ाद

आज़ाद के इस बयान का सीधा इशारा यही था कि भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के लिए कॉन्ग्रेस कोई भी 'त्याग' करने को मंज़ूर है और अगर राहुल गाँधी के अलावा किसी अन्य नेता के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो कॉन्ग्रेस के समर्थन से किसी अन्य समर्थक दल के नेता को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

बंगाल की चुनावी हिंसा की सबसे बड़ी कवरेज, इतनी हिंसा कि मेनस्ट्रीम मीडिया चर्चा भी नहीं करता

अगर राज्य स्वयं ही गुंडों को पाले, उनसे पूरा का पूरा बूथ मैनेज करवाए, उनके नेता यह आदेश देते पाए जाएँ कि सुरक्षाबलों को घेर कर मारो, उनके गुंडे इतने बदनाम हों कि वहाँ आनेवाला अधिकारी ईवीएम ही उन्हें सौंप दे, तो फिर इसमें चुनाव सही तरीके से कैसे हो पाएगा?

बंगाल में हिंसा पर चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान, रुक जाएगा सारा प्रचार, बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

आयोग ने अपने बयान में कहा, कि यह संभवत: पहली बार है जब ECI ने अनुच्छेद 324 को इस तरीके से लागू किया है, लेकिन यह अराजकता और हिंसा की पुनरावृत्ति के मामलों में अंतिम बार नहीं समझा जाए, क्योंकि यह शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया के संचालन को प्रभावित करता है।

एडिटर्स गिल्ड की चुप्पी: लाख गाली खा लें, लेकिन चाटेंगे उन्हीं के… तलवे

चाहे बात रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों पर हमले की हो, या मणिशंकर 'नीच' अय्यर जैसे व्यक्ति द्वारा पत्रकार को 'फ़क ऑफ़' कहने की, गुप्ता जी के लड़के के एडिटर्स गिल्ड को साँप सूँघ जाता है। इसलिए कि ‘दुधारू गाय की लात सहनी पड़ती है।’

होटल के कमरे का दरवाज़ा तोड़ बंगाल पुलिस ने BJP नेता को किया गिरफ़्तार, TMC ने बताया ‘बाहरी’

तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बग्गा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी को भी जलूस निकालने की इजाजत है लेकिन इसमें बाहरी लोग शामिल थे। तेजिंदर बग्गा को बाहरी बताते हुए उन्होंने पूछा कि आख़िर यह व्यक्ति है कौन? राज्यसभा सांसद डेरेक ने पूछा कि क्या बग्गा वही व्यक्ति नहीं है, जिसनें दिल्ली में किसी को थप्पड़ मारा था?

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