पाकिस्तानी परिवार को भारत में फर्जी पहचान के साथ लाने का काम मेहदी फाउंडेशन का था। इस संस्था ने ही परिवार के फर्जी पहचान पत्र से लेकर अन्य फर्जी दस्तावेज बनवाए थे।
लिबरल-वामपंथी गैग कहती है कि लव जिहाद जैसा कुछ नहीं है... अगर ये सच है तो फिर क्यों नाम छिपा कर लड़कियों को फँसाया जाता है और फिर उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जाता है।
अहमदीनेजाद ने कहा कि करीब 20 ईरानी अधिकारी डबल एजेंट्स की भूमिका में थे, जो एक तरफ ईरान के लिए काम कर रहे थे और दूसरी तरफ इजरायल को सीक्रेट इन्फॉर्मेशन भी दे रहे थे।