बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। इस पारंपरिक संबोधन के जरिए ही उन्होंने 2024 की लड़ाई की लकीर भी खींच दी है।
"स्कूलों और कॉलेजों में G-20 से जुड़े विषयों पर आयोजित की जा रही गतिविधियों में विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। G-20 से जुड़े कार्यक्रमों के बारे में सभी नागरिकों में बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है।"
पोस्ट में CJI के हवाले से अपील की गई है कि लोगों को सड़क पर उतर कर 'तानाशाह' सरकार से अपने अधिकारों को लेकर सवाल करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने बताया फर्जी।