इसी इकोसिस्टम पर निशाना साधते हुए कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर पूछा कि ये लोग ताहिर हुसैन का बचाव कर रहे लोग गलती से ऐसा कर रहे थे या सब दंगों की साज़िश का हिस्सा था।
बिहार के सीवान रेलवे स्टेशन पर खड़ी बरौनी मेल में सर्च अभियान चल रहा था। जीआरपी को जिस लावारिस डब्बे में शराब होने का अंदेशा हुआ, उसमें विस्फोटक रखा हुआ था।