धर्म और संस्कृति

उनकी ही संतानें थी कौरव और पांडव: जानिए कौन हैं कृष्ण द्वैपायन, जिनका जन्मदिन बन गया ‘गुरु पूर्णिमा’

वो कौरवों और पांडवों के पितामह थे। महाभारत में उनकी ही संतानों ने युद्ध किया। वो भीष्म के भाई थे। कृष्ण द्वैपायन ने ही वेदों का विभाजन किया। जानिए कौन थे वो?

‘…तब पैगंबर मोहम्मद ने 300 मूर्तियों को नष्ट कर दिया था’ – इस्लामाबाद में पहले मंदिर के निर्माण पर उग्र कट्टरपंथी

"उनके धार्मिक स्थलों की मरम्मत के लिए सरकारी कोष से रुपए खर्च किया जा सकता है लेकिन दूसरे धर्मों के नए धार्मिक स्थलों के निर्माण कतई नहीं।"

एकंबरेश्वर मंदिर: जहाँ माता पार्वती की परीक्षा लेने पहुँचे थे स्वयं भगवान शिव

एकंबरेश्वर मंदिर, तमिलनाडु के मंदिरों के नगर कांचीपुरम का सबसे विशाल एवं भव्य शिव मंदिर है। भगवान शिव को यहाँ पृथ्वी के रूप में पूजा जाता है।

महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा चल पड़े: देखें रथयात्रा की मनमोहक तस्वीरें

यहाँ हम आपको आज मंगलवार (जून 23, 2020) को आयोजित हो रही ओडिशा की जगन्नाथ पुरी रथयात्रा की भव्य तस्वीरें दिखा रहे हैं।

पुरी रथ यात्रा: BJP ने कहा- फैसले में संशोधन के लिए SC जाए ओडिशा सरकार, शंकराचार्य से करे चर्चा

ओडिशा BJP अध्यक्ष ने पुरी में रथ यात्रा के संचालन के लिए राज्य सरकार से राजा गजपति दिब्यसिंह देब के प्रस्ताव के अनुसार कदम उठाने की अपील की है।

‘नहीं हुई रथयात्रा तो 1 साल तक क्वारंटाइन रह सकते हैं भगवान जगन्नाथ, ओडिशा सरकार ने SC में बोला झूठ’

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथपुरी में होने वाली वार्षिक रथयात्रा पर इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के कारण रोक लगा दी है। इसके बाद से ही हिन्दुओं में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब अनलॉक के तहत सारी चीजें खुल ही रही हैं तो फिर रथयात्रा पर रोक क्यों?

‘ईद, रमजान पर कुछ नहीं कहा’: सुप्रीम कोर्ट द्वारा रथयात्रा रोकने पर सोशल मीडिया में बवाल

सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए फैसला दिया है कि कोरोना महामारी के फैलने के डर और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जगन्नाथ मंदिर में होने वाली वार्षिक रथयात्रा ना निकाली जाए।

कोरोना वायरस के कारण नहीं होगी जगन्नाथ रथ यात्रा: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर हमने इस साल रथयात्रा की इजाजत दे दी तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे। CJI ने आदेश दिया कि...

श्रीकालाहस्ती मंदिर: पंचमहाभूतों में से एक ‘वायु तत्व’ का प्रतीक, योग में इनसे मुक्त होने की वैज्ञानिक प्रक्रिया

श्रीकालाहस्ति में मंदिर वायु तत्व हेतु, कांचीपुरम में पृथ्वी तत्व, तिरुवन्नामलाई में अग्नि तत्व हेतु, चिदंबरम में आकाश तत्व एवं तिरुवनाईकवल में जल तत्च के लिए इन मंदिरों का निर्माण किया गया था।

क्या हिन्दू गौमांस खाते थे? वामपंथी कारवाँ मैग्जीन ने संस्कृत के अज्ञान के कारण फिर दिखाई मूर्खता

अन्य धर्मों के विपरीत, हिंदू सोचते-मानते हैं कि प्रत्येक जीव की आत्मा होती है। सिर्फ खाने के लिए किसी पशु को मारना वेदों द्वारा स्वीकार्य...

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