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भारत की पहली संस्कृत एनिमेशन फ़िल्म ‘पुण्यकोटि’ का ट्रेलर जारी, जल्द होगी रिलीज

भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब कोई एनिमेटेड फ़िल्म संस्कृत भाषा में बनी हो। 'पुण्यकोटि' को रविशंकर वी ने अपने मित्रों और सोशल मीडियो के जरिए क्राउड फंडिंग कर बनाया है। इसे बनाने में 4 से 5 करोड़ रुपए का खर्च आया है। जिसमें संगीत इलैयाराजा ने दिया है।

‘फिदायीन नहीं बनी तो महेश भट्ट ने कंगना पर फेंके चप्पल, जावेद अख़्तर ने घर बुला धमकाया था’

रंगोली चंदेल ने दो हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। इनमें से एक कंगना के करियर के शुरुआती दिनों की है। दूसरी तब की है जब उनका अभिनेता ऋतिक रोशन से झगड़ा चल रहा था।

‘आलिया ने किया बुर्के वाली का रोल, तभी लिबरांडुओं ने दिया अवॉर्ड… अगले साल वेश्याओं की दलाली के लिए मिलेगा’

"आलिया भट्ट अपनी अगली फ़िल्म में वेश्याओं की दलाल का रोल प्ले कर रही हैं, जो गंगू बाई के जीवन पर आधारित है। गंगू बड़े गैगस्टर्स को लड़कियाँ सप्लाई करती थी और कहा जाता है कि वो देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की भी दोस्त थी। आलिया को फिर अवॉर्ड मिल जाएगा।"

पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, हर बात पर विरोध से कब्रगाह बन जाएगा राज्य: जब रजनी ने मीडिया को डपटा

"पुलिसकर्मियों पर हमले किए जाने को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता है। वर्दी में ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों पर हमले करने के पक्ष में मैं कोई भी तर्क बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं तो कहता हूँ कि इसके बचाव में कोई तर्क हो ही नहीं सकता।"

घुसपैठियों के समर्थन में आए ‘विभिन्न पदार्थों का सेवन करने वाले’ नसीर, शिक्षा बजट पर बोला झूठ

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उनके पास पासपोर्ट, वोटर आईडी और आधार कार्ड जैसे जो कागज़ात हैं, वो उनकी नागरिकता साबित करने के लिए काफ़ी नहीं होंगे। सवाल ये उठता है कि नसीरुद्दीन से नागरिकता साबित करने को कहा किसने है?

‘गदहे हैं ये लोग’: शिकारा से कश्मीरी पंडितों के जख्म पर नमक रगड़ने वाला चोपड़ा बौखलाया

विधु विनोद चोपड़ा ने कश्मीरी पंडितों का दर्द दिखाने के नाम पर 'शिकारा' बनाई। लेकिन, फिल्म में मुस्लिमों के अत्याचार को छिपा लिया और प्रेम-कहानी पर जोर दिया। इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को अब गदहा बता वे झूठे आँकड़े गिना रहे हैं।

सरला का गैंगरेप और शरीर को 3 हिस्सों में चीर सरे बाजार घुमाना… शिकारा के ‘शातिरों’ ने सब कुछ छुपाया

जिस शांति का किरदार दिखाया गया, वो सरला भट्ट का है। सरला नर्स थीं और फिल्म में शांति को भी नर्स दिखाया गया है। मगर इसमें ये नहीं दिखाया कि कैसे आतंंकवादियों द्वारा सरला का सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बढ़ई की आरी से उसके शरीर को तीन हिस्सों में चीर कर सरे बाजार घुमाया गया।

इस ‘शिकारा’ का डूबना आवश्यक था, बॉलीवुड के मजहबी आतंक प्रेम की पराकाष्ठा है ये

सोचिए इस पर, वरना प्रेम कहानी के चुम्मे में वन्धामा की 23 लाशों की विद्रूपता छुपा दी जाएगी। शिकारे पर बैठी नायिका की काली जुल्फों में सिगरेट से पूरे शरीर को जलाने के बाद, सर्वानंद कौल और उनके पुत्र की आँखें निकाल लेने की इस्लामी कलाकृति गायब कर दी जाएगी।

हाथ में संविधान, जुबाँ पर सुप्रीम कोर्ट के लिए गाली, दिल में राम के लिए घृणा: ऐसे कैसे चलेगा स्वरा मैडम?

कुणाल कामरा किसी का कहीं भी उत्पीड़न कर सकता है। क्योंकि दो लोगों ने जामिया नगर और शाहीन बाग़ में हवाई फायरिंग कर दी। इसीलिए, हजारों-लाखों मौतों का जिम्मेदार इस्लामी और नक्सल आतंकवाद भी जायज हो जाता है।

शिकारा रिव्यू: 90 में इस्लाम ने रौंदा, 2020 में बॉलीवुड कश्मीरी हिंदुओं पर रगड़ रहा नमक

चोपड़ा ही बताएँगे कि कश्मीर के गुनाहों और गुनहगारों से ऐसा परदा क्यों किया? न तो कश्मीरी हिन्दुओं की पीड़ा कहीं भी है, न ही नरसंहार का ख़ौफ़नाक मंजर... लगता है ‘कश्मीर की कली’ पार्ट 2 बनाना चाह रहे थे।

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