Homeदेश-समाजVIDEO: स्वरा भास्कर ज्ञानगंगा के तीन मिनट जिसने वामपंथियों के प्रचलित तरीकों को फिर...

VIDEO: स्वरा भास्कर ज्ञानगंगा के तीन मिनट जिसने वामपंथियों के प्रचलित तरीकों को फिर एक्सपोज किया

स्वरा भास्कर के साथ वही हुआ। नाम में ही 'स्वर' है, तो बोलना तो जन्मसिद्ध अधिकार है, आधा नाम भास्कर है, तो भीतर आग भी भरी हुई होगी। ऐसे में वामपंथ का पेट्रोल खुद पर छींट कर भभकने की प्रवृत्ति, और फिर बाप-बाप चिल्ला कर कहना कि 'आग लगा दिया रे, अरे जला दिया रे'......

वामपंथियों के पास एक मशीन होती है जिसमें एक तरफ मूर्ख को डालिए, दूसरी तरफ से वो बकैत बन कर निकलेंगे। और हाँ, वामपंथियों के पास मूर्खों को छोड़ कर और कोई होता भी नहीं। या और गहरे उतरें तो यह कहना भी शास्त्रोचित है कि वामपंथी मूर्ख ही होते हैं। ये बात और है कि उन्हें अंत काल तक अपने मूढ़मति होने का पता नहीं चल पाता।

मूर्ख कई बार ऐसे कार्य भी कर जाते हैं, जो उन्हें लगता है कि ‘गर्दा उड़ा दिया मैंने, मुझे तो नोबेल मिलना चाहिए था’, लेकिन वो बस अपनी मिट्टी पलीद करवाते हैं, एक्सपोज होते हैं, और आम जनता के सामने अपने मूल रूप में प्रस्तुत हो जाते हैं।

स्वरा भास्कर के साथ वही हुआ। नाम में ही ‘स्वर’ है, तो बोलना तो जन्मसिद्ध अधिकार है, आधा नाम भास्कर है, तो भीतर आग भी भरी हुई होगी। ऐसे में वामपंथ का पेट्रोल खुद पर छींट कर भभकने की प्रवृत्ति, और फिर बाप-बाप चिल्ला कर कहना कि ‘आग लगा दिया रे, अरे जला दिया रे’, विक्टिम कार्ड स्वाइप करने में ये अगली पंक्ति में खड़ी होती हैं।

देखें इस लेख का पूरा वीडियो:

NRC का ड्राफ्ट कहाँ, CAA पढ़ा है? रुबिका ने स्वरा के उड़ाए होश, सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे

हम तुम्हारे साथ हैं: शरजील इमाम के समर्थन में उतरा जामिया, गूँजा ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’

भगवान जब लोगों को अक्ल बाँट रहे थे, तब स्वरा भास्कर NRC के ‘रिलीवेंट सेक्शन्स’ पढ़ने में व्यस्त थी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -