हिंदुओं का धर्मांतरण रोकने का अभियान हो या अयोध्या आंदोलन, असली रणनीतिकार मोरोपंत पिंगले ही थे। उनकी बनाई योजना के कारण ही देशभर में करीब तीन लाख रामशिलाएँ पूजी गईं। 25 हजार शिला यात्राएँ अयोध्या के लिए निकलीं। 40 देशों से पूजित शिलाएँ अयोध्या आईं।
एक यूजर कहता है, "और कितना नीचे गिरेंगे जनाब, इसके नीचे दोजख में ही जाना होगा।" जबकि दूसरा यूजर कहता है कि ऐसा ही (गिरना) पाकिस्तान सरकार के साथ होने वाला है। इस वीडियो को देखने के बाद ऐसे ही मजेदार कॉमेंट लोगों ने किए।
RBI गवर्नर दास ने उम्मीद जताई कि सऊदी संकट कुछ समय के लिए है और महंगाई पर इसका सीमित प्रभाव होगा। दास ने कहा कि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खर्चे कम करना होगा। दास ने भरोसा जताया कि महंगाई अगले 12 महीनों तक 4 % के नीचे बनी रहेगी।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज ने तीनों गायकों को अमेरिका में आयोजित होने वाले शो में न जाने की नसीहत दी है। क्योंकि उनका कहना है कि 17 नवंबर को होने वाला ये इवेंट मिस PAK-USA की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
NGO ने शुरू में दावा किया था कि संबंधित क्षेत्र संरक्षित आर्द्रभूमि है और फिर उसने बताया कि यह प्राकृतिक जलाशय है। आख़िरकार उसने पीठ से कहा कि वह वर्षा जल से बना तालाब है। हालाँकि, सरकारी दस्तावेज़ो से साबित होता है कि वह इनमें से कुछ भी नहीं है।
साक्षात्कार में अभ्यर्थी से पूछा गया कि बताओ आजम खान पर कितने मुकदमे दर्ज हुए हैं, और उन पर क्या-क्या आरोप लगे हैं? उसमें कितनी बकरी चोरी का आरोप है? जिसकी जानकारी खुद अभ्यार्थी ने इंटरव्यू के बाद अपने साथियों से साझा की।
विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
पटनायक ने कहा कि हिंदुत्व यह मानता है कि सीता को क़ैद में रखने के लिए लक्ष्मण रेखा बनाई गई थी जबकि हिंदुइज्म कहता है कि रावण को रोकने के लिए लक्ष्मण रेखा बनाई गई थी। इससे पहले वह लक्ष्मण रेखा को काल्पनिक बता चुके हैं।
2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
32 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी भेजने की योजना तैयार की थी। उन्हें 'कर्नाटक का भागीरथ' भी कहा जाता है। उन्होंने बॉंध से पानी के बहाव को रोकने के लिए स्टील के स्वचालित द्वार और सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया जो इंजीनियरिंग का अद्भुत कारनामा माने जाते हैं।