केजरीवाल ने यदि अपने वादों का आधा हिस्सा भी पूरा किया जाता तो भले पूरी दिल्ली की सूरत नहीं बदलती कम से कम दिल्ली की जनता के जीवन स्तर में बहुत हद तक सुधार हो सकता था। लेकिन उनको मैनिफेस्टो में किए गए वादे पूरे करने ही नहीं थे, उन्हें तो केवल राजनीति चमकानी थी।
यमुना के तीर पर हड़प्पा के समकालीन ऐसी कौन सी संस्कृति बसी थी जहाँ इस प्रक्रिया से ताँबे के हथियार बनाए जाते थे? रथ, मुकुट, पाए वाली शव पेटिकाएँ, हवनकुंड, जली लकड़ियाँ और न जानें क्या-क्या। देखें गैलेरी। मरे हुए नेवले और जंगली सूअर का क्या औचित्य है?
2015 के 20 बड़े वादे। 2019 में वास्तविकता की पड़ताल करने पर हमें मिली वादाख़िलाफ़ी की 20 दास्तान। क्या कहा, क्या किया और कैसे पलट गए केजरीवाल! PPRC की रिसर्च रिपोर्ट की प्रमुख बातें, अन्य मीडिया रिपोर्टों के सबूत के साथ। लोकपाल बिल से लेकर पानी, बिजली और शिक्षा तक, सब कुछ।
AAP ने 20 नए डिग्री कॉलेजों के निर्माण का वादा किया था लेकिन अब तक एक पर भी काम शुरू नहीं कराया जा सका है। जितने शिक्षकों की ज़रुरत थी, उससे आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। फ्री वाई-फाई सर्विस से लेकर सीसीटीवी योजना सब की हालत पंक्चर है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस.ए. बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के सामने महिला ने अपना बयान दिया था। अब तक हुई तीन सुनवाई में, महिला ने कहा कि उसे डर लग रहा है क्योंकि उसे अकेले इसमें शामिल होना है और यहाँ तक कि उसके वकील को भी कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनने दिया गया।
2015 में इसी प्रकार का एक पीआईएल दाखिल किया गया था जिसमें काग़ज़ातों के साथ राहुल गाँधी की नागरिकता पर सवाल खड़े किए गए थे। इस पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था। अदालत ने इस याचिका को औचित्यहीन और तुच्छ करार दिया था।
वह श्री लंका हमले का साज़िशकर्ता ज़हराम हाशिम और इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर के वीडियो देखता था। वह भगोड़ा अब्दुल राशिद के ऑडियो क्लिप्स सुना करता था। वह आतंकी अब्दुल खयूम से भी ऑनलाइन चैट कर रहा था। वह अशफ़ाक़ मज़ीद से भी संपर्क में था।