मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि GROK द्वारा जनरेट अश्लील सामग्री महिलाओं और बच्चों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को नुकसान पहुँचाती है व डिजिटल स्पेस में यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देती है।
कव्वाली 'न तो कारवाँ की तलाश है, न तो हमसफर की तलाश है' का सबसे प्रसिद्ध और प्रामाणिक पहली फिल्मी रिकॉर्डिंग 1960 की हिंदी फिल्म 'बरसात की रात' से मिलती है।