मिस्र के 'वैली ऑफ किंग' नाम की प्राचीन कब्रों से लगभग 30 शिलालेख मिले हैं, जो लगभग 2000 साल पुराने हैं। इन शिलाओं पर लिखे शब्द तमिली (प्राचीन तमिल-ब्राह्मी) और प्राकृत एवं संस्कृत भाषा में हैं।
'घूसखोर पंडत' नाम कोई मासूम क्रिएटिविटी नहीं है, यह वही प्रोपेगेंडा है जो बॉलीवुड और नेटफ्लिक्स सालों से इस्तेमाल करते आए हैं, जहाँ पंडित और ब्राह्मण पहचान 'सेफ टारगेट' मानी जाती है।