अल्लूरी सीताराम राजू को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैसा पानी की तरह बहाया। वो माँ काली की उपासना करते थे। क्रांति का ज्ञान उन्हें तीर्थाटन के दौरान मिला। वो धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ थे।
जिन्हें अंग्रेजों ने जेल में बंद दिया तो छत पर टहलते दिखे। विष का कोई असर नहीं होता था उन पर। 280 वर्ष जीवित रहे। नदी के भीतर कई दिनों तक पैठ कर साधना की। रामकृष्ण परमहंस भी उनके भक्त थे।
'रानी चटर्जी' के नाम से फिल्मों में काम करने वाली भोजपुरी एक्ट्रेस सबीहा शेख ने '72 हूरें' पर आपत्ति जताई है। कहा है कि ऐसी फिल्में लोगों को धार्मिक आधार पर बाँटने के लिए बनाई जाती है।