'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के टीजर में रणदीप हुड्डा कहते हैं, "गाँधीजी बुरे नहीं थे, लेकिन अगर वो अपनी अहिंसावादी सोच पर अड़े नहीं रहते तो भारत 35 साल पहले ही आज़ाद हो जाता।"
कमल हासन ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रीय गौरव का क्षण है, जो राजनीतिक रूप से विभाजनकारी हो गया है। बॉयकॉट पर विपक्ष को दी पुनर्विचार की सलाह।
साल 1992 में अजमेर में एक ब्लैकमेलिंग कांड का खुलासा हुआ था जिसमें शहर के बड़े-बड़े लोगों के नाम थे। अब उसी घटना पर वेबसीरीज बनी है जो जुलाई में रिलीज होगी