ये वो समय था जब इंग्लैंड में सिविल वॉर चल रहा था। पुर्तगाल को स्पेन ने अपने अधीन किया हुआ था। भारत की गद्दी पर औरंगज़ेब को बैठे 5 साल भी नहीं हुए थे। इधर बॉम्बे का भाग्य लिखा जा रहा था।
रैपर ने अगली पंक्ति में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जैसे, "मर गया तेरा नंदलाल नटखट, अब गोपियाँ भागेंगी छोड़के पनघट।"
1973 में 'विश्व पत्रकारिता सम्मेलन' में वो मॉरीशस गए और वहाँ के तत्कालीन राष्ट्रपति शिवसागर रामगुलाम हिंदी भाषा को लेकर उनके प्रेम से खासे प्रभावित हुए। वहाँ की सरकार ने उनसे वहीं रहने का अनुरोध किया।