मध्यकालीन भारतीय मंदिरों के भित्तिचित्रों और आकृतियों में होली के सजीव चित्र देखे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए इसमें 17वीं शताब्दी की मेवाड़ की एक कलाकृति में महाराणा को अपने दरबारियों के साथ चित्रित किया गया है।
जहाँ ब्रजधाम में राधा और कृष्ण के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं वहीं अवध में राम और सीता के जैसे होली खेलें रघुवीरा अवध में। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली का विशेष रंग है।
"मैंने जिस हीरोइन के हाथ पर थूका है वो नंबर वन बन गई।" इसी बीच पूजा बेदी ने कहा, "मैं अपनी बेटी आलिया से कहूँगी कि आप जाकर आमिर अंकल से मिलो उन्हें आपके हाथों पर थूकने की जरूरत है।"