कँगना को लेकरउद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा था कि हम घरों में तुलसी उगाते हैं, गाँजा नहीं! ठाकरे ने यह भी कहा था कि गाँजा उनके राज्य में उगता है ना कि महाराष्ट्र में।
महाराजा हरि सिंह को नेहरू का शेख अब्दुल्ला के साथ मैत्रीपूर्ण बर्ताव बिलकुल नहीं पसंद था। जबकि जिन्ना को लग रहा था कि J&K की बहुसंख्यक आबादी के कारण महाराजा उनके साथ ही शामिल होंगे।
यूपी-बिहार के युवाओं से लेकर महिलाओं तक का चित्रण ऐसा किया गया है, जैसे वो दोयम दर्जे के नागरिक हों। वेश्याएँ 'विधवाओं के गेटअप' में आती हैं और कपड़े उतार कर नाचती हैं।
11 नवंबर, 1947 को देश में दिवाली मनाई जा रही थी, उस समय राजौरी कबाइलियों के आतंक में जुल्म में जल रहा था। तीस हजार से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।