Saturday, November 28, 2020
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ठाकरे के गाँजे की खेती वाले बयान पर कँगना का जवाब- ये महादेव, पार्वती का घर है जिसे देवभूमि कहते हैं

"उसी भाषण में उद्धव ठाकरे ने माता पार्वती की जन्मभूमि और महादेव की कर्मभूमि हिमालय पर टिप्पणी की। आज भी यहाँ कण-कण में माँ पार्वती और भगवान शिव बसे हुए हैं। इसे देवभूमि कहा जाता है फिर भी इसके बारे में इतनी तुच्छ बातें की गई।"

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ऊपर एक बार फिर निशाना साधा है। कंगना ने एक वीडियो जारी कर महाराष्ट्र के सीएम व महाराष्ट्र सरकार से कुछ सवाल किए हैं। उन्होंने अपनी वीडियो में अपने ऊपर हुई टिप्पणी को लेकर पूछा कि अब नारी सशक्तिकरण वाले कहाँ गए। उन्होंने कहा कि जिस हिमाचल के बारे में सीएम ने तुच्छ बातें की उसे देवभूमि कहा जाता है। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा था कि हम घरों में तुलसी उगाते हैं, गाँजा नहीं! ठाकरे ने यह भी कहा था कि गाँजा उनके राज्य में उगता है, ना कि महाराष्ट्र में।

कंगना ने वीडियो में कहा, “उद्धव ठाकरे तुमने कल मुझे अपने भाषण में गाली दी। मुझे नमक हराम कहा। इससे पहले भी मुझे सोनिया सेना के कई लोगों ने मुझे गंदी गलियाँ दी हैं। मुझे धमकाया है। मेरे जबड़े तोड़ने की बात या मुझे मारने की बात खुलेआम कही है। लेकिन आप देखेंगे कि नारी सशक्तिकरण के ठेकेदारों ने कुछ नहीं कहा।”

आगे कंगना ने कहा, “उसी भाषण में उद्धव ठाकरे ने माता पार्वती की जन्मभूमि और महादेव की कर्मभूमि हिमालय पर टिप्पणी की। आज भी यहाँ कण-कण में माँ पार्वती और भगवान शिव बसे हुए हैं। इसे देवभूमि कहा जाता है फिर भी इसके बारे में इतनी तुच्छ बातें की गई।”

बॉलीवुड एक्ट्रेस ने शिवसेना नेता को लेकर कहा कि एक मुख्यमंत्री होने के बावजूद उद्धव ठाकरे ने पूरे राज्य को नीचे गिराया है क्योंकि वह एक लड़की से नाराज हैं और वो लड़की उनके बेटे की उम्र की है।

रनौत कहती हैं, “चीफ मिनिस्टर आप मुझसे बहुत ज्यादा नाराज हुए थे जब मुझे धमकाने के बाद मैंने वहाँ (मुंबई) की तुलना पीओके से की थी क्योंकि वहाँ आजाद कश्मीर के नारे लगे थे और आपकी सोनिया सेना ने उसे डिफेंड किया था। तब संविधान को बचाने वाले आए थे। लेकिन आपने अपने भाषण में भारत की तुलना पाकिस्तान से की, पर अब वह संविधान वाले नहीं आएँगे क्योंकि उनके मुँह में कोई पैसा नहीं ठूस रहा है।”

अपनी बात रखते हुए कंगना ने कहा, “मैं कहना चाहती हूँ कि जितने भी देशभक्त लोग हैं उनका एक रवैया मैंने देखा है कि वो कोई सहायता नहीं करते। उनका कहना होता है कि यदि आप देश भक्ति के बारे में बात करते हैं, देश के लिए कुछ कर रहे हैं, तो कौन सा हमारे लिए कर रहे हैं, देश के लिए कर रहे हैं। वो कहते हैं कि हमारे पास न पैसे हैं, न हमें ठूसने आते हैं, न हम खुद ही लेते हैं। लेकिन देश विद्रोह के लिए आपके मुँह में पैसे ठूसे जाते हैं।” 

वह कहती हैं कि कल एक मुख्यमंत्री ने एक लड़की को सरेआम गाली दी। लेकिन ऐसे लोगों ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने उद्धव ठाकरे को कहा, “कुल मिलाकर मैं ये बात कहना चाहती हूँ मुख्यमंत्री जी सरकार आती जाती हैं। आप सरकारी कर्मचारी हैं। मुंबई के लोग आपसे खुश नहीं हैं। सत्ता आती जाती है चीफ मिनिस्टर लेकिन जो एक बार सम्मान खो देता है वह उसे नहीं पा सकता है।”

कंगना रनौत का पोस्ट

कंगना रनौत के पोस्ट

अपने एक पोस्ट में भी कंगना ने महाराष्ट्र सीएम को तुच्छ व्यक्ति बताया है। उन्होंने लिखा:

”मुख्यमंत्री आप बहुत तुच्छ व्यक्ति हैं। हिमाचल को देव भूमि कहा जाता है, यहाँ सबसे अधिक संख्या में मंदिर हैं और क्राइम रेट शून्य है। हाँ, यहाँ की जमीन बहुत उपजाऊ है, यह सेब, कीवी, अनार और स्ट्रॉबेरी की उपज होती है, यहाँ कोई कुछ भी उगा सकता है। आप एक ऐसे नेता हैं जिसका नजरिया एक ऐसे राज्य को लेकर बदला लेने वाला, अदूरदर्शी और कम जानकारी वाला है, जो भगवान शिव और मां पार्वती का निवास स्थान है। इसके अलावा कई महान संतों जैसे मार्केंडेय, मनु ऋषि और पांडवों ने निर्वासन का लंबा समय हिमाचल में बिताया।”

रनौत ने आगे लिखा, ”मुख्यमंत्री, आपको खुद पर शर्म आनी चाहिए, जनसेवक होने के बावजूद आप इस तरह के तुच्छ झगड़े में शामिल हैं, अपनी शक्ति का इस्तेमाल आपसे अहसमत लोगों के अपमान और नुकसान के लिए कर रहे हैं। गंदी राजनीति खेलकर आपने जो कुर्सी हासिल की है, उसके लायक आप नहीं हैं। शर्म की बात है।” 

Hindustantimes

एक ट्वीट में वह लिखती हैं कि एक मुख्यमंत्री की जुर्रत देखिए वह देश को बाँट रहा है, किसने उन्हें महाराष्ट्र का ठेकेदार बनाया? वह केवल जनसेवक हैं, उनसे पहले वहाँ कोई और था और जल्द ही वह बाहर होंगे और कोई और राज्य की सेवा के लिए आएगा। वह ऐसा क्यों व्यवहार कर रहे हैं कि महाराष्ट्र के मालिक हैं।

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने दशहरा उत्सव में जनता को संबोधित करते हुए कंगना रनौत के लिए नमक हराम जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि लोग मुंबई की इस तरह की तस्वीर बनाना चाहते हैं कि मुंबई पीओके हैं, यहाँ हर जगह ड्रग्स लेने वाले लोग हैं। वे नहीं जानते कि हमारे घरों में तुलसियाँ उगाते हैं, गांजा नहीं। गांजे के खेत आपके राज्य में है। आप जानते हो कहाँ, महाराष्ट्र में नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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