राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।
67 वर्षीय पाक पीएम के इस बयान पर लोगों ने उनका मज़ाक बनाया। पत्रकार नायला इनायत ने पूछा कि इतनी उम्र और अनुभव होने के बावजूद इमरान ख़ान ने ब्लड प्लेटलेट्स के बारे में नहीं सुना है। यह अजीब है।
पुलिस ने कुरान जलाने वाले और उनपर हमला करने वाले लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चेतावनी के बावजूद कुरान को जला डाला। कुरान की एक प्रति को जलाया गया और 2 अन्य किताबों को कूड़ेदान में डाल दिया गया।
सोशल मीडिया पर जहाँ इस वीडियो को देखने के बाद लोग रेखा देवी का तरह-तरह से मजाक उड़ा रहे हैं तो वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में इसे रेखा देवी पर हुए हमला बताया जा रहा है।
करतारपुर गलियारे के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को 'लाइफटाइम अचीवमेंट' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेकिन पेंच यह है कि इमरान को यह अवॉर्ड भारत विरोधी सिख चरमपंथ और खालिस्तानी आंदोलन से जुड़ी संस्था से मिला है, जिसके लिए लंदन के मेयर सादिक खान...
वायरल हुए वीडियो में, महिला को अरबी भाषा में बोलते हुए सुना और देखा जा सकता है। एक जगह वो यह कहती हुई नज़र आती है, "अगर उसका अबाया सुंदर होता, तो मैं उसके साथ छेड़खानी करती।"
पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने इमरान खान द्वारा आर्थिक संकट से उभरने के लिए दिए 5 समाधानों यानी दूध, अंडा, मुर्गा, भैंस-बकरी, नीलामी और गैस-तेल की खोज को नए पाकिस्तान के लिए 5 स्तंभ बताया है। और इनसे जुड़े इमरान खान के बयानों का जिक्र करते हुए उनकी ख़िल्ली उड़ाई हैं।
लेखक, indiafacts.org और अद्वैत एकेडमी के सम्पादक व धर्मशास्त्रों के जाने-माने टिप्पणीकार नितिन श्रीधर ने धर्म से जुड़े कई पक्षों पर ऑपइंडिया से बात की, जिसमें राजनीति, लोकतंत्र के बारे में दृष्टिकोण, हाल ही में आए सबरीमाला और राम मंदिर के फैसले, धर्म की व्यवहारिक परिभाषा आदि शामिल थे। पेश है इस साक्षात्कार के मुख्य हिस्सों का सारांश:
यह पंजाब के लिए स्वतंत्रता के समर्थन में कम से कम 5 मिलियन वोट प्राप्त करना चाह रहा था। जिसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र से सम्पर्क करने की योजना बनाता। पंजाब पुलिस का कहना है कि SFJ और रेफरेंडम 2020 दोनों ही पाकिस्तान द्वारा समर्थित हैं।