आस्था नितांत निजी विषय है। सार्वजनिक जीवन और समाज जिस तर्क और भौतिक नियम से चालित होते हैं, उनसे आस्था समेत निजी विषयों के नियम-कानून नहीं बन सकते। नियम सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं जो समाज और सार्वजनिक क्षेत्र में लागू होते हैं।
लता मंगेशकर ने जब 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाना शुरू किया, तब नेहरू की आँखों में आँसू आ गए। नेहरू ने कहा कि जो इस गाने से प्रभावित और प्रेरित नहीं हो, उसे हिंदुस्तानी कहलाने का कोई हक़ नहीं है। आज लता मंगेशकर का जन्मदिन है। वह 90 वर्ष की हो गईं।
सिंगर और ऐक्ट्रेस रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा था कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिखी थी कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे।
यह इस्लामिक स्कूल पिछले एक दशक से चल रहा था। छात्रों के परिवार यहाँ अपने बच्चों को कुरान की शिक्षा देने और ड्रग्स वगैरह जैसी छुड़ाने के लिए लेकर आते थे। मौलवी और मदरसे के अन्य कर्मचारी छात्रों से जबरन समलैंगिक सम्बन्ध स्थापित करते थे।
"क्या पाकिस्तान यह स्वीकार करेगा कि वो दुनिया की एकमात्र सरकार है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित सूची में सूचीबद्ध अल-क़ायदा और दाएश के आतंकियों को पेंशन प्रदान करता है? पाकिस्तान वो देश है, जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय 1947 में 23% से घटकर अब 3% तक रह गया है।"
इमरान खान ने किसी का नाम नहीं तो लिया, लेकिन साफ है कि वे किसकी तरफ इशारा कर रहे थे। 2013 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने BJP और RSS पर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। पी चिदंबरम ने भी भगवा आतंकवाद पर विवादित बयान दिए थे। ये दोनों UPA सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने विज्ञापन में लिखा कि कश्मीर में अब तक सुरक्षाबलों के हाथों 60000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लाख से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। पत्रकारिता की खातिर न्यूयॉर्क टाइम्स को ये बताना चाहिए कि आखिर जो आँकड़े छापे हैं, वो कहाँ से आए?
यह प्रश्नवाचक चिह्न रह जाता है कि भगत सिंह का नव-जागृत हिन्दू धर्म के साथ कैसा रिश्ता होता। शायद वे तब भी नास्तिक रहते, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि न भी रहते!
जैसा अपेक्षित था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में वैश्विक चिंताओं पर गंभीरता दर्शाते हुए बगैर नाम लिए पाकिस्तान और उसे आँख बंद कर समर्थन देने वाले चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंक के खिलाफ भारत की आवाज में दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी।
"मैं पश्चिमी चीन में हिरासत में लिए जा रहे उइगरों के विषय पर पाकिस्तान की ओर से वही प्रतिक्रिया देखना चाहूँगा। उइगरों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा सिर्फ़ कश्मीर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक रूप से दुनिया भर में लागू है।"