Friday, July 30, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजननेहरू की आँखों में आँसू लाने वाली लता मंगेशकर का 'भारत रत्न' क्यों छीनना...

नेहरू की आँखों में आँसू लाने वाली लता मंगेशकर का ‘भारत रत्न’ क्यों छीनना चाहती थी कॉन्ग्रेस?

जनार्दन चांदुरकर उस समय मुंबई कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष थे। उन्होंने तुरंत मनमोहन सरकार से माँग कर दी कि लता मंगेशकर को दिया गया 'भारत रत्न' अवॉर्ड छीन लेना चाहिए। जबकि लता मंगेशकर ने सिर्फ इतना कहा था कि...

आज स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्मदिन है। आज वह 90 वर्ष की हो गईं। इस अवसर पर बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर तक, सभी बड़ी हस्तियों ने उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी। इस दौरान सोशल मीडिया पर आमजनों ने लता मंगेशकर के गाने भी शेयर किए। कई नेताओं ने भी लता मंगेशकर को उनके जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें भारत का गर्व बताया। लेकिन, एक ऐसा वाकया भी है जो कॉन्ग्रेस कभी याद नहीं करना चाहेगी। पार्टी ने उन्हें दिए गए ‘भारत रत्न’ अवॉर्ड छीनने की माँग की थी।

हम सब को पता है कि किस तरह लता मंगेशकर से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक प्रभावित थे। वो जनवरी 27, 1963 का दिन था। जगह था दिल्ली का नेशनल स्टेडियम (मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम)। तत्कालीन राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन भी वहाँ पर मौजूद थे। हालाँकि, लता ने पहले परफॉर्म करने से मना कर दिया था लेकिन कवि प्रदीप के कहने पर उन्होंने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लता मंगेशकर ने जब ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाना शुरू किया, तब नेहरू की आँखों में आँसू आ गए। नेहरू ने कहा कि जो इस गाने से प्रभावित और प्रेरित नहीं हो, उसे हिंदुस्तानी कहलाने का कोई हक़ नहीं है।

लता मंगेशकर को 1969 में इंदिरा गाँधी की सरकार ने पद्म भूषण से नवाजा। उन्हें 1989 में दादासाहब फाल्के अवॉर्ड देने की घोषणा की गई। हालाँकि, यह अवॉर्ड उन्हें 1990 में मिला। फिर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण और भारत रत्न से नवाजा। सार यह कि कॉन्ग्रेस और भाजपा, दोनों की ही सरकारों के दौरान उन्हें अवॉर्ड्स मिले और नेहरू ने उनकी प्रशंसा भी की थी। इन सबके बावजूद 2013 में एक ऐसा लम्हा आया, जब कॉन्ग्रेस नेताओं ने लता मंगेशकर को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

लता मंगेशकर ने बस अपने विचार जाहिर किए थे। उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। जनार्दन चांदुरकर उस समय मुंबई कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष थे। उन्होंने तत्काल केंद्र सरकार से माँग कर दी कि लता मंगेशकर को दिया गया ‘भारत रत्न’ अवॉर्ड छीन लेना चाहिए। लता मंगेशकर ने कहा था कि सभी की इच्छा है कि नरेंद्र मोदी पीएम बनें और वह ईश्वर से इसके लिए प्रार्थना करती हैं। उन्होंने दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल के उद्घाटन के मौके पर ऐसा कहा था। उस समय मोदी भी वहाँ पर मौजूद थे।

मुंबई कॉन्ग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष ने न सिर्फ़ लता मंगेशकर बल्कि उन सभी लोगों को दिए गए सरकारी मेडल्स और अवॉर्ड्स छीन लेने की बात कही थी, जो मोदी की प्रशंसा करते हैं या उनके साथ मंच साझा करते हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने की बात भी कही थी। उस समय मनमोहन सिंह के नेतृत्व में केंद्र में यूपीए की सरकार थी और सोनिया गाँधी कॉन्ग्रेस की सर्वेसर्वा थीं। जनार्दन ने बाद में सफ़ाई देते हुए कहा था कि उन्होंने लता के लिए ये बात नहीं कही थी बल्कि समाज के ऐसे लोगों के लिए कही है, जो सरकार से अवॉर्ड लेकर सांप्रदायिक ताक़तों का समर्थन करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मस्जिद पर हमला करके दानिश सिद्दीकी को मारा तालिबानियों ने, क्रॉस फॉयरिंग वाली बात झूठ: रिपोर्ट्स

न्यूज चैनलों में जो दानिश की मृत्यु को लेकर खबरें चली हैं वह केवल उस बर्बरता को छिपाने का प्रयास है जो तालिबानियों ने की।

श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर: विश्व भर में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर, ‘पंच भूत स्थलों’ में एक, 217 फुट ऊँचा ‘राज गोपुरा’

अन्नामलाई की पहाड़ी पर स्थित श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर पंच भूत स्थलों में से एक है, जहाँ अग्नि रूप में भगवान शिव की पूजा होती है और...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,956FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe