जम्मू में अवैध रोहिंग्या प्रवासियों के डिटेन्शन और उन्हें वापस म्याँमार भेजने के निर्णय के विरुद्ध दायर की गई याचिका में अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। यह याचिका एडवोकेट प्रशांत भूषण द्वारा दाखिल की गई थी।
फैसला सुनने के बाद इंतेजामिया कमेटी के सैयद यासीन ने बताया कि वह कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। साथ ही समिति, ऐसा सर्वे करने के लिए किसी को मस्जिद में दाखिल नहीं होने देगी।
मुख्तार अंसारी के उत्तर प्रदेश पहुँचते ही उस पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। योगी सरकार मुख्तार अंसारी की विधानसभा की सदस्यता को खत्म करने की कार्रवाई भी जल्द शुरू हो सकती है।