दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।
इन तीन महीनों में अगर वो EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस अवधि का ब्याज देना होगा। हालाँकि, इस वजह से उनके लोन चुकाने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ जाएगी। सबसे जरुरी बात यह है कि EMI पर ग्राहकों को सिर्फ तीन माह की मोहलत मिली है, ना की लोन चुकाने से माफी!
पुलिस से वहाँ उपस्थित लोग झड़प करने लगे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर के लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा। जमालुद्दीन अंसारी, हुसैन ख़ान, सैयद नवाब कुरैशी, मोहम्मद मिराज शेख और अजहरुद्दीन शेख समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। इन सब पर राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट लगाया गया है।
पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, मोहम्मद सैफी युनूस और मो सलमान के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि संख्या ज्यादा होने के कारण जगह को खाली कराने में 5 दिन लगे। वहीं ये भी मालूम हुआ कि 28 मार्च को पुलिस द्वारा नोटिस मिलने के बाद से इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों में से एक मोहम्मद साद फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
"दिल्ली व पंजाब के दोनों मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़ कर आग्रह है कि मजनू का टीला में फँसे लोगों को निकालें। इनमें से कई लोगों को सर्दी-बुखार भी है और कई खाँस भी रहे हैं। इन सबकी मेडिकल जाँच करानी ज़रूरी है।"
महाराष्ट्र के अहमदनगर में 34 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 29 विदेशी हैं। झारखंड और असम में भी अब संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है। दोनों के तार निजामुद्दीन के मरकज से जुड़े हुए हैं।
4 महिलाएँ, 4 पुरुष। रहने वाले पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के। निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शिरकत की। मिले छत्तीसगढ़ की एक मस्जिद से। जब मौके पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुॅंची तो उनका विरोध किया। उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस को एक किमी तक समुदाय विशेष के लोगों ने खदेड़ा। उनकी जीप तालाब में पलट दी। छतों से पत्थर फेंके गए। फायरिंग की बात भी कही जा रही। सब कुछ ऐसे हुआ जैसे हमले की तैयारी पहले से ही हो। उपद्रव के बीच जमाती भाग निकले।
दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार को एक चिट्ठी लिखी है। दिल्ली सरकार से 157 विदेशी नागरिकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मॉंग की है। ये विदेशी निजामुद्दीन के मरकज में हुए कार्यक्रम में मौजूद थे और फिलहाल दिल्ली की कई मस्जिदों और अन्य जगहों पर ठहरे हैं।
तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।