देश-समाज

CAA के लिए मोदी को सलाम, विरोधी सत्ता के लिए फैला रहे गलतफहमी: हैदराबाद उर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर

फिरोज बख्त ने सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "मोदी और उनके साथियों सलाम कि उन्होंने ऐसे लोगों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों) को नागरिकता देने का निर्णय लिया है।"

सभी बच्चे महफूज, मारा गया सिरफिरा, पत्नी की भी मौत: फर्रुखाबाद बंधक संकट की पूरी कहानी

बंधक संकट करीब 8 घंटे चला। मोहम्मदाबाद के कठरिया गॉंव में बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष ने बाथम को देर रात पुलिस ने मार गिराया। इसके बाद सभी बच्चे उसके घर से सुरक्षित निकाले गए।

फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद थाने के व्यक्ति ने बदला लेने के लिए 20 बच्चों को बनाया बंधक, पुलिस पर फेंका हथगोला

शातिर बदमाश उन लोगों को सबक सिखाना चाहता था, जिन्होंने उसे जेल भिजवाने में पुलिस की मदद की थी। उन सबको सबक सिखाने के लिए बदमाश ने 20 बच्चों को बहाने से बुलाकर घर में बंधक बना लिया।

निकाह करने के लिए ईसाई से मुस्लिम बना अब्दुल हुनैन, घरवालों के इंकार के बाद पहुँचा मानवाधिकार आयोग

हैदराबाद में एक मुस्लिम लड़की से विवाह करने के लिए धर्मांतरण करने वाले अब्दुल हुनैन की दुखद कहानी सामने आई है।

नीरज प्रजापति की हत्या के मामले में 16 गिरफ्तार, CAA समर्थन रैली के समय मुस्लिम कॉलोनी में हुआ था हमला

नीरज प्रजापति की मृत्यु तब हुई जब उनके सर पर CAA के समर्थन में लोहे की रॉड से हमला किया गया। पुलिस का कहना है कि उनकी मृत्यु इस चोट की वजह से अत्यधिक खून बहने और घाव पर सेप्टिक होने से हुई।

जामिया में हुई फायरिंग पर बोले गृहमंत्री अमित शाह- घटना बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई के निर्देश

गृहमंत्री अमित शाह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और कमिश्नर को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार इस तरह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी।

नीरज के परिवार के लिए ऑपइंडिया का अभियान, 1 दिन में जुटे ₹15 लाख: CAA का समर्थन करने पर मिली थी मौत

CAA समर्थन रैली पर मुस्लिमों ने हमला किया, जिसमें घायल हुए नीरज प्रजापति की रिम्स में मृत्यु हो गई। ऑपइंडिया ने उनके परिवार की मदद के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लिया, जिसके बाद लोगों ने 15 लाख रुपए का अब तक सहयोग किया है। सोरेन सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया।

रामभक्त गुलशन नाम, फेसबुक ID, पत्रकार, नारे, गोली… कितना आसान है ये सब! सवाल बहुत हैं!

इसमें गौर करने वाली बात यह है कि शख्स ने अपनी आईडी से एजाज़ ख़ान और भीम आर्मी का शेर जैसे पेजों को लाईक किया हुआ है। और, ताज़ा समाचार मिलने तक वो ID डिलीट कर दी गई है, और नई सामने आ गई।

‘चंदन भाई ये बदला आपके लिए’ गोली चलाने से पहले गुलशन ने किया फेसबुक पर पोस्ट, मामला संदिग्ध

गुलशन (बदला हुआ नाम) के नाम के इस अकाउंट को इसी साल जनवरी से एक्टिव किया गया है। इससे पहले साल 2019 में एक कवर फोटो अपलोड हुई थी। और साल 2018 के कोई भी पोस्ट विजिबल नहीं हैं। जिससे इस पूरी प्रोफाइल पर संदिग्धता बनी हुई हैं।

रामभक्त गुलशन की फेसबुक ID डिलीट… पुलिस कस्टडी में? कौन चला रहा है?

गुलशन की गिरफ्तारी के बाद उसके फेसबुक अकाउंट के सामने आने के बाद लिबरल मीडिया और लिबरल गिरोह ने सॉइल मीडिया पर गुलशन की गिरफ्तारी को हिन्दू आतंकवाद जैसे शब्दों से जोड़ना शुरू कर दिया था। इसके बाद गुलशन की फेसबुक ID के गायब हो जाने से यह सारा प्रकरण सन्देह में आ गया है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें