देश-समाज

दिल्ली दंगों की ग्राउंड रिपोर्टिंग: अजीत भारती का विश्लेषण | Ground Reporting in Delhi Riots and Ajeet Bharti Analysis

दिलवर सिंह नेगी के हाथ-पैर काटकर जलती हुई दुकान में फेंक दिया। कॉन्स्टेबल रतन लाल को घेर कर मार डाला गया। योजनाबद्ध तरीके से...

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की प्लानिंग: एक सप्ताह पहले आ गई थीं ईंटें, ताहिर हुसैन के घर के पास 7 ट्रक पत्थर

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगे कोई अकस्मात घटने वाली घटना नहीं थी, बल्कि यह एक पूर्व नियोजित और पूरी तैयारी के साथ रची गई साजिश थी। ताहिर हुसैन के घर के पास इतना ज्यादा पत्थर था कि उससे एक मंजिला मकान बन सकता है। यह बात नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने खुद...

इस्लामी कट्टरपंथी PFI ने किया ताहिर हुसैन का बचाव, कहा- ‘हुआ गंदी राजनीति का शिकार’

“मैं वहाँ मौजूद नहीं था। मैं खुद अपने बच्चों और परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा था। यह बहुत दुख की बात है कि उन्होंने (अंकित के माता-पिता) अपने बच्चे को खो दिया, लेकिन वे जो चाहें कह सकते हैं। मुझे इससे कोई लेना-देना नहीं है। ये आरोप झूठे हैं और इसके लिए मुझे फ्रेम करना गलत है।”

गोली से ज्यादा घातक गुलेल: मैक्सिमम तबाही के लिए हर 10-15 घरों के बाद एक छत पर लगा था यह हथियार

मोबाइल गुलेल, जी हाँ मोबाइल गुलेल! रिक्शे पर लोहे के एंगल को वेल्डिंग कर के बनाई गई। इसे मोबाइल गुलेल कहा जाता है। जहाँ चाहे, वहाँ ले जाओ और हिंसा को अंजाम दो। हिंदू घरों को टारगेट कर इस मोबाइल गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए।

अपने 2 बच्चों के लिए दूध लेने निकले थे दलित दिनेश: मुस्लिम दंगाइयों ने सिर में मारी गोली, मौत

दिनेश की हत्या तब की गई, जब वो अपने बच्चों के लिए दूध लेने निकले थे। उनका एक बेटा 7 साल का तो दूसरा मात्र 1.5 साल का है। दिनेश को गोली राजधानी स्कूल के छत पर जमा दंगाइयों ने मारी।

खाना खा घर से निकले आलोक तिवारी फिर लौटे नहीं, चंदा इकट्ठा कर हुआ अंतिम संस्कार: ग्राउंड रिपोर्ट

"उनके नंबर से मेरे पास फोन आया। उधर से कोई और बोला और पूछा कि यह किसका नंबर है? मैंने कहा मेरे पति का... मैं कुछ लोगों को लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ी तो देखा कि एक दुकान के सामने वह घायल पड़े हुए हैं मैं देखते ही बेहोश हो गई।"

ग्राउंड रिपोर्ट: बृजपुरी मस्जिद की तरफ से आए दंगाई और राहुल को मार दी गोली…

"कमरे के अंदर आओ तो मेरे बेटे राहुल को लेकर ही आना, नहीं तो वापस चले जाना।" एक मॉं के इस सवाल का जवाब मेरे पास नहीं था। आपके पास भी नहीं होगा। इसलिए इस दंगाई भीड़ की पहचान जरूरी है ताकि कल कोई राहुल फिर बेमौत मारा न जाए।

हिन्दू घृणा से लेकर मुस्लिम भीड़ का आतंक, दिल्ली दंगों की जो बातें आपसे छिपाई गई

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में कैसे और कब क्या हुआ, ये सब हम आपके समक्ष लाए हैं। इस दंगों के मुख्य किरदार कौन हैं और मीडिया ने कैसे पक्षपाती रवैया अपना कर पीड़ित हिन्दुओं के साथ अन्याय किया, ये सब यहाँ आपको हम बताएँगे। पूरे प्रकरण की क्रोनोलॉजी समझिए, टाइमलाइन जानिए।

बच गई ‘नो CAA, नो NRC’ लिखी दुकानें, बाकी को कर दिया ख़ाक: सामने आया दिल्ली दंगों का ‘ट्रेंड’

इस विडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह 'NO NRC, NO CAB' लिखी हुई दुकानें आगजनी से बच जाती हैं और ठीक उनके बगल में मौजूद हिन्दुओं की दुकानें जिन पर ऐसा नहीं लिखा होता चुन-चुन कर फूँक दी जाती हैं। ऐसा एक जगह नहीं, कई इलाक़ों में हुआ।

CAA विरोधी उठाते हैं खर्चा: ओवैसी के मंच से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने वाली अमूल्या

अमूल्या लियोना एक पेड प्रोटेस्टर है। पुलिस को उसने बताया कि उसका भाषण भी सीएए विरोधी ही तैयार करते हैं। फिलहाल वह देशद्रोह के मामले में जेल में है। उसे बेंगलुरू में ओवैसी के मंच से नारे लगाने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

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