आजमगढ़ की सीता से शाहनवाज की दोस्ती सोशल साइट के जरिए हुई। निकाह के बाद दोनों कानपुर आ गए। एक दिन ससुराल ले जाने के बहाने वह सीता को लेकर निकला और फिर झाड़ियों से दुल्हन के जोड़े में लाश मिली।
यौन शोषण के आरोपित असदुल सलाम की मौत के बाद मजहबी भीड़ ने हिंदुओं के घरों और संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। रेल पटरी को जाम कर दिया। बावजूद बंगाल पुलिस तमाशबीन बनी रही। वह हरकत में तब आई जब उत्पातियों ने बम फेंके और पुलिस भी उसके निशाने पर आ गई।
ट्रंप ने खुलासा किया है कि सुलेमानी पर निर्दोष लोगों की मौत की सनक सवार थी। दिल्ली में हुई आतंकी घटनाओं के पीछे भी सुलेमानी का हाथ रहा है। उसने लंदन में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार पटाखा फैक्ट्री के नाम पर बम बनाने का काम चल रहा था। इस इलाके में कई ऐसी फैक्ट्रियॉं होने की बात कही जा रही जहॉं पटाखों के नाम पर प्रतिबंधित बम बनाए जाते हैं। आशंका जताई कि इस फैक्ट्री का सम्बन्ध आईएसआई या अन्य आतंकी संगठनों से हो सकता है।
इससे पहले भी ऐसी कई ख़बरें आ चुकी हैं जिनमें JNU के छात्रों ने प्रोफेसर्स और वैज्ञानिकों को न सिर्फ़ बंधक बनाया बल्कि उनके साथ बदतमीज़ी करते हुए उन्हें गालियाँ भी दी। इनमें वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन जैसे नाम शामिल हैं जिन्हें उन्हीं की लैब में नहीं जाने दिया गया था।
इससे पहले कि माहौल बिगड़ता घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ऋषिराज, सीओ यूएम मिश्रा पुलिस दल-बल के साथ घटना-स्थल पर पहुँचे। पुलिस के आते ही सभी उपद्रवियों ने अपने घरों और गलियों में घुसना शुरू कर दिया और ग़ायब हो गए।
हिंसा में शामिल बांग्लादेशी घुसपैठिए सीमापुरी में छिपकर रह रहे थे। जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के दौरान जमकर उत्पात मचाया गया था। उपद्रवियों ने पुलिस पर हमले भी किए थे।
इस मामले में पुलिस ने 13 मुकदमें दर्ज कर क़रीब 148 उपद्रवियों को नामजद किया और 500 से अधिक लोग अज्ञात हैं। पुलिस ने दंगे में शामिल उपद्रवियों की फोटो और वीडियो के आधार पर उनकी पहचान की है। साथ ही दंगाइयों के पोस्टर्स भी शहर भर में लगाए गए हैं।
ABP की पत्रकार शोभना यादव के जवाब में यूपी के डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि दंगाइयों ने उत्तर प्रदेश की पुलिस पर जानलेवा हमले किए फिर भी पुलिस ने संयम बरतते हुए कार्रवाई की और स्थिति पर नियंत्रण रखने की कोशिश की। सरकार किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं करेगी।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले विहिप का बड़े कार्यक्रम का ऐलान। ‘रामोत्सव’ नाम से चलने वाला यह कार्यक्रम 25 मार्च को शुरू होगा और 8 अप्रैल को इसका समापन होगा।