"मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोग देश में उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे उन मुस्लिम भाइयों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शांति और भाईचारे का परिचय दिया है।"
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह अपने पुराने स्टैंड पर अब भी कायम है। एआईएमपीएलबी ने भी पहले कहा था कि उसे सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंजूर होगा। मस्जिद के लिए जमीन लेने के संबंध में बोर्ड 26 नवंबर को फैसला करेगा।
इब्राहिम पहले शादीशुदा था। अंजलि से प्रेम के दौरान उसने अपनी पत्नी को तलाक दिया। फिर हिंदू धर्म अपना कर अपना नाम आर्यन रख लिया। फिर आर्य समाज मंदिर में जाकर अंजलि से विवाह किया। लेकिन लड़की के घर वालों ने लव जिहाद का आरोप लगाया और...
जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर राम मंदिर पर फ़ैसला देने वाली सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ का हिस्सा थे। यह उस पीठ का भी हिस्सा थे, जिसने ट्रिपल तलाक़ को असंवैधानिक घोषित किया था। इस्लामिक संगठन PFI से ख़तरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने...
"परमहंस दास, जिनका मूल नाम उदय नारायण दास है, वे स्व-घोषित महंत और जगतगुरु थे और उन्होंने संत के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। साथी संतों से परमहंस दास को अपने दायरे में शरण न देने का भी आग्रह करता हूँ।"
जेएनयू प्रशासन ने बताया कि अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा नया अकादमिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन की वजह से यूनिवर्सिटी के कैलेंडर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और समय-सीमा में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
कृष्णा के हाथ में नहीं है गोदना। गोदना देखकर ही पत्नी ने की थी शव की पहचान। इस घटना का हवाला देकर मीडिया गिरोह ने मॉब लिंचिंग पर चिंता जताई थी। दावा किया था कि कारवाँ-ए-मोहब्बत ने पीड़ित परिवार के लिए फंड जुटाए थे।
बोर्ड ने मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन लेने से इनकार किया है। कहा है कि इस्लमिक व्यवस्था में एक बार जहाँ मस्जिद बन गई, वहाँ मस्जिद ही रहती है। साथ ही रामलला को 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' मानने पर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपित रफी का बाल यौन शोषण का इतिहास रहा है। चित्तौड़ के एसपी ने बता कि आरोपित रफी को लगभग 10 साल पहले बेसिनिकोंडा में उनके खिलाफ दर्ज एक बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
तेलंगाना के गृह मंत्री का कहना है कि महिलाओं पर लगाए गए आरोपों से हैदराबाद ही नहीं दिल्ली के लोग भी दुखी हैं। इसे देखते हुए मामले की जॉंच के आदेश दिए गए हैं। उनकी माने तो जिस फैसले से उलेमा सहमत हैं, उसका महिलाएँ विरोध ही नहीं कर सकतीं।