पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपित रफी का बाल यौन शोषण का इतिहास रहा है। चित्तौड़ के एसपी ने बता कि आरोपित रफी को लगभग 10 साल पहले बेसिनिकोंडा में उनके खिलाफ दर्ज एक बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
तेलंगाना के गृह मंत्री का कहना है कि महिलाओं पर लगाए गए आरोपों से हैदराबाद ही नहीं दिल्ली के लोग भी दुखी हैं। इसे देखते हुए मामले की जॉंच के आदेश दिए गए हैं। उनकी माने तो जिस फैसले से उलेमा सहमत हैं, उसका महिलाएँ विरोध ही नहीं कर सकतीं।
मौलाना अरशद मदनी ने बाबर को भी क्लीन चिट देते हुए कहा था कि बाबर ने जबरन मंदिर तोड़ कर मस्जिद नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़ कर बनाए गए मंदिर में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है। उन्होंने इस बात को भी नकार दिया कि जिस मस्जिद में नमाज नहीं होती है, वो मस्जिद नहीं है।
प्रशासन ने मंदिर को रिलोकेट करने की माँग को अस्वीकार कर दिया और मंदिर को गिरा डाला गया। अंत मे लोगों ने सरकार से कहा कि कम से कम मंदिर के अंदर की चीजों को कहीं और रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन उनकी इस माँग पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया और...
इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें छात्र ‘आज़ादी’ का नारा लगाते हुए दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जेएनयू कैंपस का है। हालाँकि ऑपइंडिया इस वीडियो के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
इस घटना से राज्य के दलित बेहद आक्रोशित हैं। राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मॉंगी है। मृतक युवक की पत्नी ने बताया कि उसके पति के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था।
"जैसे ईसाइयों के लिए वेटिकन सिटी और मुस्लिमों के लिए मक्का है, वैसे ही हिन्दुओं के लिए अयोध्या में राम मंदिर को एक मुख्य तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।"
मुस्लिमों में शिया और सुन्नी, दोनों के ही तौर-तरीके अलग हैं। सुन्नी मुस्लिमों में तीन प्रमुख पंथ होते है- बरेलवी, देवबंदी और अहले हदीस। अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ ज़मीन दिए जाने के बाद भी इस पर बहस शुरू हो गई है कि ये मस्जिद किस पंथ का होगा, शिया या सुन्नी?
पुलिस ने बताया कि उन महिलाओं को मंदिर की परंपरा के बारे में पता नहीं था और उन्हें जैसे ही इसका भान हुआ, वो ख़ुद वापस चली गईं। पुलिस ने बताया कि उन महिलाओं को समझाने की कोई ज़रूरत ही नहीं पड़ी।
मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद वहाँ बुधवार को मस्जिद के निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना जब पुलिस को दी तो हयात नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अफ़सर (SHO) रवीन्द्र कुमार मौक़े पर पहुँचे और परिसर में ताला लगा दिया गया।