हत्या से जुड़े 10, सामूहिक बलात्कार के 4 और दंगों के 26 मामलों के आरोपितों को अदालत ने बेगुनाह माना। सरकारी वकील के हवाले से बताया गया है कि अदालत में गवाहों के मुकरने के बाद अब राज्य सरकार रिहा आरोपितों के संबंध में कोई अपील नहीं करेगी।
महिला के अनुसार, जब उसने पुलिसवालों को रोकने का प्रयास किया तो उसे बिजली के झटके दिए गए और पेट्रोल डालकर जला देने की धमकियाँ देकर डराया गया। उसे इतना पीटा गया कि उसकी आँखों, गले और हाथों से खून बहने लगा।
गुड़िया जब ज़मीन पर गिर तो हमलावरों ने उस पर कार चढ़ा दी। गुड़िया को बचाने के लिए दौड़ी ताहिरा खातून को भी हमलावरों ने गाड़ी से रौंद दिया। इसके बाद हमलावर घटनास्थल से फ़रार हो गए।
उप-ज़िला अस्पताल, बिजबेहारा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शौकत ने बताया कि अहमद के सीने में गोली के घाव थे और उसे मृत अवस्था में यहाँ लाया गया था। अज्ञात हमलावर ने अहमद की एके-47 भी छीन ली।
प्रदेश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग ने सभी आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष डीजीपी बृजलाल के मुताबिक़ इस कांड में पुलिस व प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
आरजू अपने पति अमित के साथ एसपी से मिलने पहुँची थी। उसने बताया कि उन दोनों ने पिछले दिनों भागकर शादी की थी। कुछ दिन बाद जब इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लड़के और उसके परिवार को मारपीट करके गाँव से निकाल दिया।
तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा था कि हिन्दू धर्म में गाय सम्मानित है और उसकी पूजा की जाती है। इसलिए, मुस्लिम भाई गाय की कुर्बानी देने से परहेज करें। इसके अलावा वे अन्य जानवरों की कुर्बानी दे सकते हैं।
शमशेर ने FIR में कहीं भी उसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर करने की बात नहीं कही है, लेकिन कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि यह प्रकरण धार्मिक नारे लगवाने से सम्बंधित है। ऐसे लोगों की तलाश की जा रही है।
कथित पशु तस्करों के परिजनों ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस पशु तस्करों के आपराधिक रिकॉर्ड की जॉंच भी कर रही है। मृतकों की पहचान नौशाद क़ुरैशी, राजू नट और वीरेश नट के रूप में की गई है।