पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है।
बिहार के नरकटियागंज और झंझारपुर में भी मुहर्रम के जुलुस के दौरान मारपीट और विवाद की खबर है। वहीं, दरभंगा के सिंहवारा में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग जख्मी हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर वहाँ डीएम एवं एसपी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुँचे और तत्काल देवी की मूर्ति को ठीक करवाया गया। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस बल को भी तैनात किया गया।
पुलिस द्वारा मामले में ढिलाई दिखाने के कारण परिवार ने खुद ही मामले की छानबीन करनी शुरू की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खँगाले और एक कार के नंबर के आधार पर वसीम को पुलिस के हवाले किया।
स्कूलों की पोल तब खुली, जब पैरेंट्स एसोसिएशन ने एक आरटीआई दाखिल की। 2000 से अधिक स्कूलों में फायर एनओसी का न होने का मतलब है कि 2 लाख बच्चे ख़तरे की जद में आ जाते हैं। दिल्ली सरकार किस अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठी है?
अपने साथ हुई इस घटना पर दिलीप को कानून की ओर से बहुत निराशा हाथ लगी। जिसके कारण उन्हें शक है कि उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं। उनकी मानें पहले तो पुलिस इस घटना पर एक्शन लेने को ही नहीं तैयार नहीं थी।
इस डॉक्यूमेंट के 11वें पेज पर जम्मू कश्मीर में ‘लोगों पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा अत्याचार’ की बात कही गई है, जो पाकिस्तान का वर्षों पुराना प्रोपेगेंडा रहा है। इसमें ऐसे महिलाओं को ढूँढ कर लाने और उनका अनुभव प्रकाशित करने को कहा गया है, जिन्हें यौन शोषण का सामना करना पड़ा। इसी तरह प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए अन्य विभिन्न तरीकों की बात की गई है।