लड़की ने रफ़ीक से निकाह करने पर इनकार कर दिया था। इस बात से आहत रफ़ीक ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने वाली बात रफ़ीक ने अब क़बूल कर ली है।
अभि, सुशांत और प्रज्वल के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को आहत' करने के साथ ही अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। इन तीनों ने ही गाँव के लोगों के साथ मिलकर अंसारी को गाय से दुष्कर्म करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
अल्पसंख्यक युवती ने दो हिंदू युवकों पर झूठी शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एक नाबालिग का नाम भी है। इसके अलावा लड़की ने नाबालिग लड़के के बड़े भाई को भी छेड़खानी का आरोपित बताया है, जबकि परिजनों का कहना है कि वह तो घटना के दिन वहाँ मौजूद ही नहीं था।
"बच्चों को कुरान की शिक्षा देता हूँ। यह (छेड़खानी) 4-5 बार हुआ है।" मौलवी मोहम्मद अहमद ने यह भी कबूला कि उसने बच्ची के साथ 4-5 बार 'गंदी हरकत' की है। वो पीड़ित नाबालिग बच्ची को पढ़ाने जाता था, तो थोड़ी-बहुत छेड़खानी हो गई।
मंसूर खान 1500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करके दुबई भाग गया था। मंसूर खान के झाँसे में आने वाले ज्यादातर मुस्लिम निवेशक थे, जिन्हें इस्लामिक बैंकिंग या हलाल निवेश के नाम पर फँसाया गया था।
सोनभद्र में जमीनी विवाद को लेकर हुए नरसंहार में पुलिस ने मुख्य आरोपित ग्राम प्रधाम यज्ञदत्त, उसके भाई और भतीजों समेत 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी पर हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ऋचा भारती उर्फ़ ऋचा पटेल के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल अबु आजमी वसीम खान फरार है और पुलिस ने उसकी धड़-पकड़ की कोशिशें तेज कर दी हैं।
ग्राम प्रधान यज्ञवत घुर्तिया ने दो साल पहले एक आईएएस अधिकारी से उम्भा गाँव में 90 बीघा जमीन खरीदी थी। बुधवार सुबह प्रधान घुर्तिया जमीन पर कब्जा करने के लिए कई लोगों को ट्रैक्टर ट्राली से लेकर गाँव पहुँचा था। प्रधान ने ट्रैक्टर से जुताई शुरू की तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया।
पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने पवित्र स्थल की खुदाई व तोड़फोड़ से पहले कुछ कर्मकांड किया था, जिससे साफ़ होता है कि यह कृत्य 'खजाना खोजी' अपराधियों का ही है। दक्षिण भारत के पराक्रमी राजा कृष्णदेवराय के खजाने की खोज में ऐसी कई वारदातें सामने आई हैं।
बिहार सरकार के आँकड़ों की ही मान लें तो अब तक बाढ़ से 67 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर शव स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डाल तलाशे हैं। सरकारी अमला जिन गोताखोरों और बचाव दल की तैनाती का दावा कर रहा है वे नजर नहीं आ रहे।