वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नीलगाय को पहले गोली मारी गई, लेकिन वह मरी नहीं। इसके बाद जिंदा ही उसे जेसीबी की मदद से एक गड्ढे में दफना दिया गया। घटना 1 सितंबर की है। मामला सामने आने के बाद 3 सितंबर को जाँच के आदेश दिए गए।
ऐसी ही एक घटना बरेली में भी हुई, जहाँ ईज्जतनगर थाने के अंतर्गत रहने वाले व्यापारी अनीश नरूला का चालान काट दिया गया क्योंकि उन्होंने कार ड्राइव करते समय हेलमेट नहीं पहन रखी थी।
इस झड़प में दो वयस्क समेत और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अभी अस्पताल में चल रहा है। इस घटना में गंभीर रूप से घायलों में गौरी देवी, दीपक नल्लीक और 12 वर्षीय मिस्टी शामिल है।
डोभाल ने कहा कि सेना द्वारा किसी को प्रताड़ित करने का सवाल ही नहीं उठता। सेना की भूमिका आतंकियों से निपटने तक सीमित है। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य पुलिस और कुछ केंद्रीय बलों के हाथ में है। आर्टिकल 370 हटाए जाने का वही विरोध कर रहे जो शांति नहीं चाहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्थोडॉक्स और जैकोबाइट ईसाईयों के बीच विवाद में व्यवस्था दी थी कि चर्च संविधान ऑर्थोडॉक्स धड़े को चर्चों का प्रशासन करने का अधिकार देता है। केरल हाई कोर्ट के जज ने इस फैसले के विरुद्ध जाकर...
कॉन्स्टेबल राकेश कुमार के साथ पीछे बैठे ASI रामेश्वर राय ने हेलमेट नहीं लगाया था। जब राकेश से बाइक के कागजात माँगे गए तो उनके पास न ताे ड्राइविंग लाइसेंस था, न पाॅल्यूशन और न ही इंश्याेरेंस।
कटनी में एक आरएसएस प्रचारक को पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए। घटना से नाराज बीजेपी के कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए। मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपित थाना प्रभारी लाइन हाजिर कर दिए गए हैं।
एनडीटीवी के पत्रकार पल्लव बागला के इस तरह के अशिष्ट और असभ्य सवाल से मीडिया को ब्रीफ करने आए वैज्ञानिक काफी दुखी और असहज हो जाते हैं। वैज्ञानिकों पर चिल्लाकर पत्रकार महोदय ने साबित कर दिया कि पूरे मिशन की 95% सफलता उसके लिए मायने नहीं रखती।
IAS अहलूवालिया के घर से एक कारबाइन समेत 5 बंदूक, एक विदेशी राइफल व 328 कारतूस बरामद हुए थे। उसके पास दिल्ली, ग्वालियर और चंडीगढ़ के पॉश इलाकों में कई संपत्ति और एक वातानुकूलित सिनेमा घर भी था।
इसरो चीफ के सिवन जब टूट रहे थे, तो उनके कंधों पर शाबासी की थपकी मिली किससे - खुद पीएम से। जब पीएम मोदी ने रोते हुए सिवन को गले लगाया तो उसमें यह संदेश छिपा था कि देश को आपकी सफलता पर गर्व है, जबकि आपकी विफलता पर वो आपके साथ और भी मजबूती के साथ खड़ा है।