काँवड़ियों की सुरक्षा में आए पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पर लगे स्टार को नोचने का प्रयास किया गया। पुलिस वालों के साथ गाली-गलौच की गई, उन्हें डंडा लेकर दौड़ाया गया। लेकिन पुलिस ने अपनी समझदारी से तकरीबन 500 से भी ज्यादा महिला और बच्चियों को निकालकर सुरक्षित पहुँचाया।
ट्रक के नंबर प्लेट में कालिख लगाने पर सफाई देते हुए सपा नेता ने कहा कि यह सब केवल फाइनेंसर की नजरों से बचने के लिए किया गया था। अगर इसके बाद भी साजिश की आशंका है तो सरकार इसकी CBI जाँच करवा ले, सच्चाई साफ़ हो जाएगी।
पहले यह अनुमान लगाया गया था कि फातिमा ने पहले अपने तीनों बच्चों अलीफिया, ज़ेबा और जियान की हत्या की और फिर खुद आत्महत्या लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में एक बड़ा ट्विस्ट आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बेटियों की हत्या से पहले रेप किया गया था। जिसके बाद पुलिस महिला के पति अकरम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने आरोपितों को संरक्षण देने के आरोप में तीन मदरसा संचालकों- मौलाना हफीउल्ला, कारी वासिफ व मौलवी असरफ हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है।
पीड़िता की बहन ने सरकार से माँग की है कि दुर्घटना जाँच सीबीआई से हो। इस बीच रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा ने लिखित तहरीर देते हुए इस मामले को भी मुख्य मामले के साथ जोड़कर सीबीआई को जाँच सौंप देने की अपील की है।
मस्जिद गई आठ साल की छात्रा के साथ वहीं के इमाम ने बुरी नीयत से दबोच लिया और फिर अश्लील हरकतें करने लगा। इसके बाद इमाम ने बच्ची को डरा धमकाकर घर भेज दिया। बच्ची घर में डरी-सहमी गुमसुम रहने लगी और वह रोती रही। परिजनों द्वारा बार-बार पूछने पर...
ये हंगामा बांका के समीप करीब आधी रात तक चलता रहा। हंगामें के दौरान तेज प्रताप भी काफिले में मौजूद थे, लेकिन बीच-बचाव करने की बजाए वे बस से उतर स्कॉर्पियों में बैठकर चले गए, जबकि उनके बाउंसरों ने बवाल जारी रखा।
ऐसे आरोपों के उफनने का एक कारण यह है कि लिबरल गैंग के पास हिन्दुओं के खिलाफ बोलने के लिए और कोई आधार नहीं बचा है। न ही कोई हनुमान चालीसा पढ़ते हुए छाती पर बम बाँधकर धमाके कर रहा है, न ही ‘जय श्री राम’ बोलकर कहीं 26/11, 9/11 जैसे हमले कर रहा है।
मुख्तार की पत्नी ने पूछताछ के दौरान स्वीकारा कि उसने अपनी बेटियों को बचाने के लिए पहले मुख्तार को शराब पिलाई, फिर खाने में नशे की गोलियाँ दी और फिर बेहोश होने पर उसने प्लॉस्टिक की रस्सी से उसका (मुख्तार) गला घोंटकर मार दिया।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने सड़क पर हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर दोहरा रवैया अपनाते हुए कहा कि भगवा चोला पहनकर अराजकता फैलाना और मुसलमानों पर धौंस जमाना कुछ लोगों की आदत बन गई है।