कोर्ट के इस फैसले पर विनोद का कहना है कि उन्हें राहत तो जरूर मिली है, लेकिन जबरन शादी करवाने वाले लोग अभी भी बाहर आजाद घूम रहे हैं। वो लोग उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। ऐसे में वो बेहद डरे हुए हैं।
घटना के करीब पाँच दिन बाद पीड़िता को रास्ते में घंटोली उर्फ इमरान खान मिला। इमरान ने भी पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए अकेले में मिलने को कहा। इमरान ने पीड़िता को धमकी दी कि जैकम द्वारा खींचे गए अश्लील फोटो उसके पास हैं। अगर वह नहीं आई तो...
“मैं अपने पुलिस विभाग के सहकर्मियों से भी कहना चाहता हूँ कि सिर्फ सुरक्षा प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है, लोगों की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मेरा उद्देश्य सेवा करना है। दूरदराज से पैदल चलकर लोग हरिद्वार जल लेने जा रहे हैं। मैंने इसी सच्चे मन से काँवड़िए के पैर दबा उनकी थकान उतारने की कोशिश की है।”
रकीबुल के अलावा उसकी माँ कौशल रानी, पूर्व जज पंकज श्रीवास्तव, गया सिविल कोर्ट के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राजेश प्रसाद और रोहित रमन (रकीबुल का दोस्त) पर आरोप तय किए गए हैं।
माल्या ने भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपए का लोन लिया था और उसे चुका नहीं पाने के कारण 2 मार्च, 2016 को देश छोड़ दिया था। भारत ने 2017 में प्रत्यर्पण की मांग की थी और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सीसीटीवी कैमरा लगे होने के बाद भी इस घटना पर अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। गौरव शर्मा ने दावा किया है कि मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति ने रात में पार्क में घुसकर मूर्ति तोड़ दी।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि यह वीडियो लोकसभा चुनाव से पहले का है। लेकिन, गाँव के हालिया तनाव को देखते हुए यह वीडियो आग में घी का काम कर सकता था। गाँव में भारी पुलिस बल तैनात।
मुंबई-कोल्हापुर रूट पर चलने वाली महालक्ष्मी एक्सप्रेस नाम की यह ट्रेन मुंबई के पास बदलापुर और वांगनी स्टेशन के बीच फँसी रही। पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था, ऐसे में ट्रेन के लिए आगे बढ़ पाना मुश्किल हो गई थी।
5 फरवरी 2015 को टप्पल क्षेत्र से 15 वर्षीय बच्ची की गई थी अगवा। एसएसपी के निर्देश पर 30 मई को मुकदमा दर्ज हुआ। 28 अगस्त 2016 को बच्ची को बरामद कर साजिद को गिरफ्तार किया गया।
एजाज खान ने जयपुर, कश्मीर, अहमदाबाद और राजस्थान जेल से छूटने वाले लोगों के बारे में बात करते हुए कहा कि इनका न्याय कॉन्ग्रेस से माँगना चाहिए, न कि भाजपा की सरकार से। उस समय कॉन्ग्रेस की सरकार थी, न कि भाजपा की। इसलिए न्याय भी कॉन्ग्रेस से ही माँगना चाहिए।