...इसके बाद सईदुल ने अलग तरीका निकाला। उसके पास उसकी पत्नी के साथ कुछ अंतरंग तस्वीरें थीं, जिसे उसने वायरल करने की धमकी अपने ससुराल वालों को दी। उसने अपनी बीवी के मायके के तरफ़ के रिश्तेदारों को धमकी दी कि उसे दहेज़ में रुपए दिए जाएँ और केस वापस लिया जाए वरना...
गंगाराम ने पुलिस में शिकायत की थी कि दानिश, उनके पड़ोसी सफ़ायत हुसैन के बेटे ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था। शिक़ायत के बारे में सुनकर दानिश के कई रिश्तेदार गंगाराम के घर गए। वहाँ कथित तौर पर गंगाराम और उसके परिवार पर उन्होंने लाठियाँ बरसाई।
वाणिज्य एवं कर विभाग के एसआईबी के अधिकारियों ने पहले कचौड़ी वाले को ढूँढा और फिर 2 दिन तक आस-पास बैठकर उसकी बिक्री का जायजा लिया। 21 जून को विभाग की टीम मुकेश की दुकान पर जाँच करने पहुँची। जाँच में व्यापारी ने खुद सालाना लाखों रुपए के टर्नओवर की बात स्वीकारी।
दलाली की रकम को वापस किए जाने की माँग को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही भाजपा नेता के घर को निशाना बना दिया गया। सरकारी योजनाओं में दलाली के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले भाजपा नेता के घर में बमबारी और फायरिंग की गई है।
विधायक के बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई। भारी तादात में पुलिस फोर्स वहाँ पहुँच गई, लेकिन ग्रामीण MLA को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। काफी समझाने के बाद पीड़ित परिवारों को ₹5,000 की आर्थिक सहायता और जरूरी दवाओं के वितरण के बाद...
"मैं हीरानंदानी में जॉगिंग कर रही थी। फिर पास के एक बैंक एटीएम की सीढ़ियों पर बैठ गई। अपना फोन देखने में बिजी हो गई। जैसे ही मेरी नजर फोन से हटकर ऊपर को हुई तो सामने एक ऑटो में एक आदमी बैठा मुझे घूर रहा था। फिर जल्द ही यह भी समझ आ गया कि वह सिर्फ मुझे घूर ही नहीं रहा था बल्कि वो हस्तमैथुन भी कर रहा था।"
"जो नेता मेरे करीबी थे, वही नेता अब मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खतरा बने हुए हैं। मैं भारत वापस आना चाहता हूँ, सारी जानकारी देना चाहता हूँ। भारत आकर मैं निवेशकों का पैसा लौटाना चाहता हूँ।"
आरोपित नाज़िल ने बच्ची की पहचान भी छिपाने की पूरी कोशिश की थी। उसने बच्ची को मार कर उसके चेहरे पर तेज़ाब डाल दिया था, ताकि उसका चेहरा बुरी तरह झुलस जाए और कोई भी उसे पहचान नहीं पाए।
"मैं इस बात को देख कर हैरान थी कि मेरे सारे कुत्ते गायब हैं। उनमें से कोई भी आक्रामक नहीं था और किसी ने भी कभी कोई हिंसक परिस्थिति नहीं पैदा की। अगर लोगों ने शिकायत की ही थी तो नगरपालिका वालों को 'एनिमल बर्थ कण्ट्रोल' अपनाना चाहिए था।"
एक अन्य मामले में नौशाद ने पहले तो अपनी बीवी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया, मारपीट की और जब वो प्रताड़ना से तंग आकर मायके चली गई तो वहाँ पहुँच कर नौशाद ने बीवी को डराया-धमकाया और उसे तीन तलाक दे दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।