पुलिस ने बताया है कि श्यामली पुलिस ने साजिद,आबिद और तौफ़िक के अलावा 50 अन्य लोगों पर भी शिकायत दर्ज की गई है। साथ ही अन्य हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी है।
'सोनम' की माँ ने कहा है कि असलम नाम के आरोपित ने अपनी 4 साल की बेटी के साथ भी बलात्कार किया था और उसकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर अपने पिता के घर चली गई थी।
पुलिस अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही पर डीजी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस के बयानों को अंतिम सत्य के रूप में नहीं लिया जा सकता है, ख़ासकर तब जब साइंटिफ़िक सबूत कुछ और ही हक़ीकत बयाँ करते हों।
लता ने रफीक को बताया कि उनके पति शहर से बाहर गए हुए हैं। इस पर रफीक ने लता से बहस करनी शुरु कर दी। थोड़ी देर में ये बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि रफीक ने महिला को चाकू मारना शुरू कर दिया।
हालाँकि, अभी तक किसी भी उपद्रवी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है। ऑपइंडिया ने सुबह जब डीसीपी मेघना यादव से बात की, तो उस समय तक इस मामले को लेकर कोई FIR दर्ज नहीं की गई थी।
पिछले महीने इमरान भाटी ने न केवल ब्रह्मण लड़की से शादी करने के लिए उसके पिता को अपनी गलत पहचान बताई थी बल्कि उनसे काफी दहेज भी लिया था। लड़कीं के पिता ने बताया है कि उन्होंने इमरान को 11 लाख कैश और 5 लाख के जेवर दिए थे।
नमाज़ बहुत पहले ही ख़त्म हो चुकी थी और लोग वहाँ से जा चुके थे। फिर भी समुदाय विशेष के लोगों ने सार्वजनिक वाहन पर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। कमाल की बात यह है कि जहाँ ज़्यादातर इंग्लिश मीडिया ने 17 नमाजियों के घायल होने की झूठी ख़बर चलाई
हमले में पाँच लोग तीर लगने से घायल हो गए। मो. फजीर और मो. शमशाद को सीने में तीर लगे। पाँचों को पहले तो सदर अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाद में उन्हें एमजीएम मेडिकल कॉलेज खुद सिविल सर्जन ले गए।
मुस्लिम समुदाय के महबूब, आज़ाद, इसराइल, मोनीस और अलानूर को पुलिस ने अपने शिकंजे में लिया। इन लोगों ने देवस्थान में मूर्तियाँ खंडित कर दी थीं, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ उठा कर ले गए थे और वहाँ जम कर उत्पात मचाया था।