महिला ने कहा कि उसके परिवार वालों से प्रतिशोध लिया जा सकता है और किसी भी प्रकार के हमले किए जा सकते हैं। महिला के अनुसार, कमिटी ने पीड़िता को जाँच रिपोर्ट की कॉपी देने से भी इनकार कर दिया है। जस्टिस गोगोई ने कहा था कि इसके पीछे बहुत बड़ी ताक़तें हैं जो सीजेआई के पद को निष्क्रिय करना चाहते हैं।
"इसमें कोई विवाद नहीं है कि आरोपित के साथ शादी के समय वह नाबालिग थी लेकिन अब वह बालिग हो गई है और उसने आरोपित व्यक्ति के साथ रहने की इच्छा जताई है।" अपने आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने यही कहते हुए दोनों की शादी को भी वैध करार दिया।
इस मामले की अगली सुनवाई 3 जून को होगी। 3 मई को सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि 11 लड़कियों की हत्याओं के मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत अन्य लोगों की भूमिका की जाँच हो रही है।
इस पैनल का नेतृत्व जस्टिस एसए बोडबे कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पैनल की रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश एवं दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को सबमिट कर दी गई है। चूँकि यह एक अनौपचारिक जाँच थी, इसीलिए इस जाँच की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
जब जूनागढ़ के जंगलों में एटीएस की महिलाओं व इस अपराधी का आमना-सामना हुआ, तो वह थोड़ी देर भी टिक नहीं सका। अपनी जान बचाने के लिए उसने तुरंत ही घुटने टेक दिए। इसके बाद महिला अधिकारियों ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
पति व ससुराल वालों ने BJP को वोट देने पर उसे ताने कसे। शाम को पति ने गाँव के एक अन्य युवक के साथ मिलकर सहाना की पिटाई कर दी। अपने बयान में उसने बताया कि ओसामा नाम के व्यक्ति ने उसकी पिटाई की। ओसामा ने सहाना से कहा कि तुम मुस्लिम समुदाय में रहने लायक नहीं हो।
आम आदमी पार्टी के समर्थकों या फिर प्रशंसकों के लिए अब केजरीवाल के नजदीक जाना काफी मुश्किल होगा। अब वो पहले की तरह करीब जाकर ना तो हाथ मिला सकते हैं और ना ही माला पहना सकते हैं। केजरीवाल के आस-पास सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा होगा।
ज़मानत मिलने के बाद उक्त युवक और उग्र हो गया और उसने रिटायर्ड स्टेशन मास्टर के घर पहुँच कर उनसे मारपीट की। विरोध करने पर उसने फायरिंग भी की। सूचना पर पुलिस फिर पहुँची लेकिन आरोपित तब तक फरार हो गया था।